सहारनपुर। विधानसभा क्षेत्र-03 सहारनपुर नगर में प्रस्तावित बूथ स्थानांतरण को लेकर सियासत तेज हो गई है। वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता एवं पार्षद अभिषेक (टिंकू) अरोड़ा ने निर्वाचन आयोग की बैठक में करीब 44 मतदान केंद्रों के स्थानांतरण के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित और मतदाताओं की सुविधा के विपरीत बताया। टिंकू अरोड़ा ने जिला निर्वाचन अधिकारी को दिए अपने प्रतिवेदन में कहा कि भाजपा महानगर अध्यक्ष और स्थानीय विधायक की ओर से कई बूथों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए शिकायत एवं सुझाव दिए गए हैं, जबकि वर्तमान मतदान केंद्र वर्षों से सुचारु रूप से संचालित हो रहे हैं और मतदाताओं के लिए पूरी तरह सुविधाजनक हैं। उन्होंने बताया कि बूथ संख्या 7 से 11, जो वर्तमान में नवाब पब्लिक स्कूल, आजाद कॉलोनी में संचालित होते हैं, उन्हें मंडी समिति क्षेत्र के विभिन्न स्थलों पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया गया है।read more:https://khabarentertainment.in/relief-rain-falls-from-the-sky-in-bhadohi-the-carpet-city/ उनका कहना है कि इससे मतदाताओं को मुख्य मार्ग से होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी और मतदान में अनावश्यक असुविधा होगी। इसी प्रकार बूथ संख्या 12 से 15 (शिवली प्रेसीडेंसी जूनियर हाई स्कूल, मंसूर कॉलोनी), 20 से 23 तथा 214-215 (मदरसा परिसर), 259, 260 एवं 267 (भूतेश्वर इंटर कॉलेज), 441 से 444 (सतयुग आश्रम इंटर कॉलेज) तथा 359, 360 और 362 (राजकीय कन्या इंटर कॉलेज) को भी अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का विरोध किया गया है। अरोड़ा का आरोप है कि कुछ मतदान केंद्रों को दो किलोमीटर तक दूर तथा कुछ को संकरी गलियों में स्थित स्कूलों में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया गया है, जहां मतदाताओं, मतदान कर्मियों और सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कई प्रस्तावित भवनों में पर्याप्त कमरे, बरामदे और वाहन पहुंचने की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की कि दशकों से शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रहे मतदान केंद्रों को बिना ठोस कारण न बदला जाए। यदि किसी बूथ के स्थानांतरण की आवश्यकता महसूस होती है तो पहले संबंधित क्षेत्र के मतदाताओं की खुली जनसुनवाई आयोजित कर उनकी राय ली जाए। सपा नेता ने कहा कि लोकतंत्र की निष्पक्षता, मतदाताओं की सुविधा और निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इस प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि बूथों के स्थानांतरण से मतदान प्रभावित हो सकता है तथा पुलिस और प्रशासन के लिए भी प्रभावी निगरानी करना कठिन हो जाएगा।