सोनभद्र। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन में जनपद में संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। एक जुलाई से संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 11 जुलाई से दस्तक अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई, जनजागरूकता और रोगियों के चिन्हीकरण का कार्य लगातार किया जा रहा है।read more:https://khabarentertainment.in/excise-department-raids-dhabas/उच्च जोखिम वाले गांवों में माइक्रोप्लान के अनुसार विशेष अभियान चलाकर झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, खराब हैंडपंपों की मरम्मत, चबूतरों का निर्माण और शौचालय निर्माण कराया गया। अभियान में सफाईकर्मी, पंचायत सहायक, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी रही। लोगों को मच्छरजनित और संक्रामक रोगों से बचाव के उपाय भी बताए गए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के दौरान अब तक 1,895 विद्यालयों में जागरूकता रैलियां, 257 गांवों में प्रभात फेरियां और 266 ग्राम सभाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बैठकें आयोजित की गई हैं। इसके अलावा 1,172 स्थानों पर झाड़ियों की सफाई, 1,137 हैंडपंपों की मरम्मत, 468 हैंडपंप चबूतरों की मरम्मत, 329 शौचालयों का निर्माण, 640 ग्रामीण एवं 676 शहरी नालियों की सफाई कराई गई। नगर क्षेत्रों के 60 वार्डों में फॉगिंग के साथ 123 सूकर पालकों का संवेदीकरण और 264 स्थानों पर कृतंक नियंत्रण गोष्ठियां आयोजित की गईं। दस्तक अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार, मलेरिया, डायरिया, कुष्ठ, क्षय रोग, कालाजार तथा आईएलआई (खांसी-जुकाम) के लक्षण वाले लोगों का चिन्हीकरण कर रही हैं। अब तक 137 आईएलआई तथा 95 संभावित टीबी रोगियों को चिन्हित कर जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को भेजा गया है। बुखार के मरीजों की आरडीटी किट से जांच कर मलेरिया के मरीजों का समयबद्ध उपचार भी सुनिश्चित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखने, जलभराव न होने देने, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने तथा बुखार, खांसी, जुकाम या डायरिया के लक्षण दिखने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने की अपील की है।