सोनभद्र। जनपद के मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक अव्यवस्था का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। यहां वर्षों तक तैनात रहने के बाद हाल ही में स्थानांतरित हुए एक बाबू का प्रभाव अब भी कायम है। आरोप है कि स्थानांतरण के बावजूद संबंधित बाबू ने अब तक विधिवत चार्ज नहीं सौंपा है, जिससे कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। बताया जा रहा है कि प्रशासनिक खींचतान के कारण मरीजों को उपचार संबंधी कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।read more:https://khabarentertainment.in/prof-dr-rajendra-rajput-receives-guru-shree-2026-award-at-national-level-brings-honour-to-ghazipur/ वहीं कॉलेज परिसर में मेडिकल वेस्ट खुले में पड़े होने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। इससे सफाई व्यवस्था और जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदार अधिकारी अपनी प्रशासनिक नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए पूरे मामले का ठीकरा स्थानांतरित बाबू पर फोड़ रहे हैं, जबकि व्यवस्था दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी वर्तमान प्रशासन की है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने तथा मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की मांग की है। उधर मेडिकल कालेज में खुलेआम फेंके जा रहे मेडिकल वेस्ट के सवाल पर कालेज के प्रिंसिपल ने कहा कि पैसे के अभाव में मेडिकल वेस्ट को एल-टू हास्पिटल परिसर में फेंका जा रहा है। वरिष्ठ लिपिक धीरज श्रीवास्तव का ट्रांसफर हो गया है, लेकिन उनके द्वारा चार्ज नहीं सौंपा गया है, इस कारण सरकारी धन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ एल-टू
जिम्मेदार बने अनजान, तस्वीर बयां कर रही सच्चाई मेडिकल कालेज परिसर स्थित एल-टू हास्पिटल के सामने खुलेआम फेंके जा रहे मेडिकल वेस्ट के सवाल पर जिला प्रदूषण अधिकारी आरके सिंह ने कहा कि मुझे पता नहीं है, यदि ऐसा है तो हम अभी दिखवाते हैं। यदि खुले में मेडिकल वेस्ट फेंका मिला तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस पर जब उन्हें बताया गया कि आप के व्हाट्सएप्स पर जीपीएस युक्त फोटे भेजी गई है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि एल-टू हास्पिटल के सामने खुले में फेंके गए मेडिकल वेस्ट को पशु खा रहे हैं, इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।