सरकारी योजनाओं पर सवाल, आज भी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रही मुसहर बस्ती, ग्रामीणों ने लगाया अनदेखी का आरोप

जहानागंज, आजमगढ़।सरकार जहां गांव गांव तक विकास और हर जरूरतमंद तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं आजमगढ़ जिले के जहानागंज विकासखंड के ऊंचहुआ गांव स्थित मुसहर (वनवासी) बस्ती की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। बस्ती के लोगों का आरोप है कि वर्षों बीत जाने के बाद भी उन्हें सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका है। आज भी लोग कच्चे घरों में रहने, पेयजल, सड़क, बिजली और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।बस्ती के लोगों का कहना है कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर जल योजना, उज्ज्वला योजना और ग्रामीण सड़क जैसी योजनाओं का लाभ नहीं मिला। कई परिवार आज भी खुले आसमान के नीचे या जर्जर कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। बरसात के दिनों में पूरी बस्ती कीचड़ और पानी से भर जाती है, जिससे लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है।ग्रामीणों का आरोप है कि बस्ती में पीने के पानी के लिए एक भी हैंडपंप नहीं लगाया गया है। बिजली की सुविधा भी नहीं है। सड़क न होने के कारण एंबुलेंस तक बस्ती में नहीं पहुंच पाती।read more:https://pahaltoday.com/mandal-president-celebrated-the-foundation-day-of-bjp/कई बार गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं ले जाया जा सका, जिससे जान तक चली गई।वनवासी परिवारों का कहना है कि गरीबी इतनी अधिक है कि कई लोगों के पास आज तक आधार कार्ड भी नहीं बन पाया है। आधार कार्ड न होने के कारण वे सरकारी राशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से भी वंचित हैं। आर्थिक तंगी के चलते बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है और कई बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।बस्ती के निवासी कलिंदर, बहादुर, फूलगेना, लीलावती और रीमा सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा था। उनका कहना है कि जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद खंड विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी की लापरवाही के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बस्ती का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और सभी पात्र परिवारों को आवास, पेयजल, बिजली, सड़क, राशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ तत्काल उपलब्ध कराया जाए।यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय माना जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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