लखनऊ। काकोरी स्थित भगवान पार्श्वनाथ धाम’ अमेठिया, सलेमपुर में 24 जून से 29 जून तक आयोजित होने वाले ऐतिहासिक और भव्य 1008 भगवान आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव’ का शुभारंभ आज मंगलवार को आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ससंघ के मंगल प्रवेश के साथ हो गया।बैंड-बाजे और जयकारों के साथ हुआ भव्य स्वागत महाराज के मंगल प्रवेश के दौरान गोमती नगर से आलोक जैन, इंदिरा नगर से अभिषेक जैन, डालीगंज से अंजू जैन, भाई, रितेश जैन, मनीषा जैन चौक से अशोक जैन समेत लखनऊ के विभिन्न कोनों से आए बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने बैंड-बाजे की धुनों, मंगलाचार और गगनभेदी जयकारों के बीच आचार्य की अगवानी की। आचार्य श्री के प्रवचन: वाणी पर संयम रखें नेता, तो रुक जाएं विश्व के युद्ध काकोरी जैन मंदिर में आयोजित प्रथम प्रवचन सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रसंत आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने गूढ़ आध्यात्मिक और व्यावहारिक सीख दी। उन्होंने कहा राग को भूलने की आवश्यकता है, यह छूटता नहीं बल्कि बदला जा सकता है। पूजा करने से राग छूटता नहीं, उसका मार्ग बदल जाता है। जैसे जल में कमल खिलता है, वैसे ही जो विकारों से दूर रहता है, वही अग्नि पर चल सकता है। वैश्विक शांति पर बोलते हुए आचार्य ने राजनेताओं को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, “यदि नेता अपनी वाणी पर संयम रखें, तो विश्व में कहीं युद्ध ही न हो। नेताओं के अनाप-शनाप बोलने के कारण ही युद्ध जैसी विभीषिकाएं पैदा होती हैं। आचार्य ने सोमवार को लखनऊ के अलीगंज में हुई दुखद अग्निकांड की घटना पर गहरी संवेदना और दुख व्यक्त किया। आचार्य ने संकेत दिया कि उनका आगामी चातुर्मास कार्यक्रम बाराबंकी में होगा, जिसकी आधिकारिक घोषणा आगामी 28 जून को की जाएगी। read more:https://pahaltoday.com/the-person-who-complained-about-the-kidney-issue-is-now-being-investigated-for-cyber-fraud/समिति के वरिष्ठ सदस्य विशाल जैन ने बताया कि लखनऊ के इतिहास में यह पहला दुर्लभ अवसर है, जब एक साथ लगभग 50 पिच्छिधारी मुनिराजों और आर्यिका माताओं का पावन सान्निध्य राजधानीवासियों को मिलने जा रहा है। मुख्य संयोजक बृजेश जैन ‘बंटी’ ने बताया कि इस छह दिवसीय महोत्सव के दौरान विश्व शांति महायज्ञ और भव्य महामस्तकाभिषेक का आयोजन होगा, जो क्षेत्र में सुख, समृद्धि और शांति का संदेश देगा। मुख्य संयोजक बृजेश जैन बंटी ने जानकारी दी कि 24 जून को प्रातः 7:00 बजे काकोरी जैन मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो मंगल गीतों, जयकारों और पुष्पवर्षा के साथ पूरे क्षेत्र को धर्ममय करेगी। इस भव्य महोत्सव में चर्याशिरोमणि पट्टाचार्य 108 विशुद्ध सागर महाराज ससंघ, पट्टाचार्य-गणाचार्य विराग सागर जी महाराज, ‘सन्मतिरत्न’, ‘प्रज्ञाश्रमण’ आचार्य श्री 108 सुबल सागर महाराज ससंघ, उपाध्याय रत्न एवं मेडिटेशन गुरु श्री 108 विहसंत सागर महाराज ससंघ, मुनि 108 विशल्य सागर महाराज ससंघ और आर्यिका 108 विवक्तश्री माताजी सहित भारी संख्या में साधु संत विराजमान रहेंगे।