गाजीपुर । कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक सांसद अफजाल अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले के सभी विधायकों, जनप्रतिनिधियों, ब्लॉक प्रमुखों, नगर निकाय प्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विभागीय कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।read more:https://pahaltoday.com/mohsina-kidwai-passes-away-an-era-has-come-to-an-end/
बैठक की शुरुआत पिछली बैठक की कार्यवाही और अनुपालन रिपोर्ट के प्रस्तुतीकरण से हुई। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट सदन के समक्ष रखी। समीक्षा के दौरान सांसद अफजाल अंसारी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अधूरे पड़े मार्गों को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने रायपुर-जाही मार्ग, कुसुम्ही कला-मदनहीं भटौली चोचकपुर मार्ग, गौसपुर-हरिहरपुर सरायगोकुल मार्ग तथा रेवतीपुर-तिलवा मार्ग के निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर कर समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने पर जोर दिया।
किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए सांसद ने जिले में खाद की उपलब्धता की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को उनकी जोत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। आगामी मानसून और संभावित बाढ़ को देखते हुए उन्होंने गंगा तटवर्ती एवं बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं के टीकाकरण और उपचार की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मोबाइल पशु चिकित्सा वैन की तैनाती करने को भी कहा।बैठक में आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए सांसद ने पात्र लाभार्थियों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाए जाने पर बल दिया। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, बलात्कार और अन्य मामलों में महिलाओं को दी गई सहायता की विस्तृत रिपोर्ट सभी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।जल जीवन मिशन के तहत चल रही ‘हर घर जल योजना’ की प्रगति पर सदन ने असंतोष व्यक्त किया। जनप्रतिनिधियों ने कार्यों की धीमी गति और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। वहीं पेंशन योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह मामला सामने आया कि कई जीवित व्यक्तियों को मृत घोषित कर उनकी पेंशन बंद कर दी गई है। सांसद ने ऐसे मामलों की तत्काल जांच कर पेंशन बहाल कराने की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित सचिवों और अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।बैठक में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली सबसे अधिक चर्चा का विषय रही। सांसद सहित सभी जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशान न करने, जले ट्रांसफार्मरों को समय से बदलने और शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने की मांग की। सैदपुर में बिजली विभाग की लापरवाही से जुड़े आत्महत्या प्रकरण में जिलाधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई की सांसद ने खुले मंच से सराहना की। उन्होंने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे प्रशासनिक जवाबदेही की मिसाल कायम हुई है। सांसद के इस वक्तव्य पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।बैठक में विभिन्न विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की जर्जर सड़कों, स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की कमी, प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत, नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने, ग्रामीण पेयजल योजनाओं तथा पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सांसद ने सभी विभागीय अधिकारियों को इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने तथा प्रगति रिपोर्ट जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।समीक्षा बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, कृषि एवं सिंचाई योजनाओं सहित केंद्र और राज्य सरकार की दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक के अंत में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।बैठक में जिला विकास अधिकारी राजन राय, परियोजना निदेशक महेंद्र प्रताप यादव सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।