टीबी उन्मूलन अभियान को मिला उद्योग जगत का सहयोग, मरीजों को वितरित की गई पौष्टिक आहार पोटली

गाजीपुर । भारत सरकार के महत्वाकांक्षी टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को जनसहयोग एवं कॉर्पोरेट सहभागिता के माध्यम से गति प्रदान करने के उद्देश्य से सेल एग्री कमोडिटीज लिमिटेड (पूर्व में सुखबीर एग्रो एनर्जी लिमिटेड), फतेहुल्लापुर, गाजीपुर द्वारा सोमवार को पौष्टिक आहार पोटली वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में टीबी मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य एवं शीघ्र स्वस्थ होने के लिए पोषण सामग्री का वितरण किया गया।read more:https://pahaltoday.com/mohsina-kidwai-passes-away-an-era-has-come-to-an-end/कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रिंस गाखर ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीबी उन्मूलन अभियान में सामाजिक संगठनों एवं निजी संस्थानों की भागीदारी सराहनीय है।इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज की टीम से विवेक, सुनील एवं योगेन्द्र ने उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव एवं उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। साथ ही मरीजों के लिए पौष्टिक आहार का विशेष महत्व है।कार्यक्रम में समर्पण संस्था की संचालिका सुश्री सविता ने भी सहभागिता करते हुए स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। कंपनी के महाप्रबंधक (जीएम) ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार का टीबी उन्मूलन अभियान जनस्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि उपचार के साथ-साथ जागरूकता और पोषण ही इस बीमारी से बचाव एवं नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार पोटलियों का वितरण किया गया तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर प्रदीप शर्मा, अवधेन्द्र प्रताप, महिपाल सिंह, अखिलेश गुप्ता, दिनेश कुमार शर्मा, जय प्रकाश पाठक, आदित्य प्रताप सिंह, विपुल उपाध्याय, अमित तिवारी, ताराचंद, दिनकर, संजय कुंवर, विनोद श्रीवास्तव, धीरज वर्मा एवं अरविंद आडवाणी सहित कंपनी के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी मरीजों को पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ समाज में इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा, जिससे वर्ष 2028 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

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