महराजगंज तराई (बलरामपुर) तुलसीपुर बाल विकास परियोजना के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत दयनीय है। केंद्रों पर ताले लटकने से ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल रहा हैं। अधिकारियों की लापरवाही के कारण केंद्र कागज पर ही संचालित किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चे तो नामांकित हैं, मगर उनकी उपस्थिति शून्य रहती है, ऐसे में केंद्र पर पंजीकृत बच्चों को न तो प्राइमरी से पूर्व प्री-शिक्षा मिल पाती है और न ही योजनाओं का लाभ। ये हाल तब है जब निगरानी के लिए परियोजना स्तर पर सुपरवाइजर व सीडीपीओ की तैनाती की गई है।तुलसीपुर बाल विकास परियोजना के अंतर्गत ग्राम विजयीडीह शुक्रवार को आंगनवाड़ी केंद्र बंद मिला। ग्रामीणों ने बताया कि महीनों से नहीं खुला है।read more:https://pahaltoday.com/sukesh-chandrashekhar-granted-bail-in-rs-200-crore-money-laundering-case/आंगनबाड़ी केंद्र पर अक्सर ताला जड़ा रहता है।और चार्ट के अनुसार आहार नहीं मिलता है। ग्रामीण, दिनेश मौर्य,दुर्गा प्रसाद मौर्य प्रमोद वर्मा,आशुतोष ,सूर्य प्रकाश कमलेश यादव ,मोतीलाल आदि ने बताया कि लाभार्थियों को बीते 3 महीने से कोई भी सामग्री वितरण नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने बंद पड़े आंगनबाड़ी केंद्र को नियमित खुलवाने की मांग जिलाधिकारी से की है। बाल विकास परियोजना अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी।