गाजीपुर जमानियां एनएच-24 मार्ग पर जमानियां तहसील से लेकर पांडेय मोड़ तक इन दिनों हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं। दिन-रात लाल बालू से लदे ओवरलोड भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण आए दिन लंबा जाम लग रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। मंगलवार को भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब घंटों तक वाहन रेंगते रहे और राहगीरों के साथ दूर-दराज जाने वाले यात्री भारी परेशानी में फंसे रहे।read more:https://khabarentertainment.in/detailed-information-given-about-chief-minister-kanya-sumangala-yojana/
स्थानीय लोगों के अनुसार, लाल बालू से लदे बड़े-बड़े ट्रक और ट्रेलर इतनी ऊंचाई तक भरे होते हैं कि वे दो मंजिला इमारत जैसे प्रतीत होते हैं। इन वाहनों के पास से गुजरते समय छोटे चार पहिया वाहन सवारों में भय का माहौल बना रहता है। जमानियां-धरम्मरपुर गंगा नदी पर बने पक्का पुल मार्ग से प्रतिदिन दर्जनों ओवरलोड वाहन गुजरते हैं, जिससे जाम और हादसे की आशंका लगातार बनी रहती है।बताया जाता है कि बिहार से होकर यूपी के गहमर थाना क्षेत्र के रास्ते ये वाहन एनएच-24 होते हुए जमानियां पहुंचते हैं और फिर धरम्मरपुर व अन्य क्षेत्रों की ओर जाते हैं। इन वाहनों की मनमानी के कारण सड़क पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन ओवरलोड वाहनों पर प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। कई लोगों का आरोप है कि इस पूरे खेल में बड़े स्तर पर संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। सूत्रों की मानें तो विभागीय स्तर पर इन वाहनों के संचालन से जुड़ा एक “कोड सिस्टम” तक चलता है, जिसके तहत जिम्मेदारों तक नियमित हिस्सा पहुंचने की बात कही जा रही है।गौरतलब है कि 18 से 22 चक्का वाले ट्रेलर और 14 चक्का ट्रक निर्धारित मानकों से कहीं अधिक ऊंचाई तक बालू लादकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे में किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक आम जनता इस अव्यवस्था और जोखिम भरे हालात का सामना करती रहेगी, और कब प्रशासन इस पर सख्त कदम उठाएगा।