कायमगंज में जाम से जनजीवन बेहाल, एंबुलेंस फंसी—प्रशासन और पालिका की चुप्पी पर उठे सवाल

कायमगंज कस्बे में लगातार लगने वाले जाम ने अब विकराल रूप ले लिया है। मंगलवार दोपहर तहसील रोड पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास ऐसा यातायात संकट खड़ा हुआ कि आम लोगों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो गईं। करीब 12:30 बजे शुरू हुआ जाम एक घंटे से अधिक समय तक बना रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा।read more:https://khabarentertainment.in/the-minister-in-charge-arrived-at-the-womens-hospital-to-review-the-arrangements/सबसे गंभीर स्थिति तब देखने को मिली जब एक एंबुलेंस लगभग आधे घंटे तक जाम में फंसी रही। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए। वहीं, स्कूलों की छुट्टी के समय लगे इस जाम ने स्कूली बच्चों और अभिभावकों की परेशानी को और बढ़ा दिया। छोटे-छोटे बच्चे सड़क पर घंटों फंसे रहे और अव्यवस्था के बीच घर पहुंचने को मजबूर दिखे।स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील रोड पर जाम अब रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। नन्हेंलाल, राजीव, सुनील और गिरीश जैसे नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।जाम की मुख्य वजह सड़क किनारे बढ़ता अतिक्रमण और बेतरतीब ढंग से चल रहे ई-रिक्शा बताए जा रहे हैं। दुकानदारों द्वारा सड़क तक फैलाया गया सामान और अवैध ठेले मार्ग को संकरा कर देते हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित होती है। इसके बावजूद न तो नियमित अभियान चलाया जा रहा है और न ही यातायात नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम किए गए हैं।हैरानी की बात यह है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन और नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारी अब तक ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रहे हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी द्वारा कार्रवाई के दावे जरूर किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।कायमगंज के लोग अब इस लापरवाही से परेशान हो चुके हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन अपने आश्वासनों को अमल में लाता है या फिर जनता यूं ही जाम की मार झेलती रहेगी।

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