महराजगंज तराई (बलरामपुर )गांव-देहात में आज भी तमाम ऐसे परिवार हैं, जिनके पास व्यक्तिगत शौचालय का अभाव है। ऐसे में सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया। सही संचालन हो, इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर से मानदेय पर केयरटेकर की तैनाती भी की गई है। लेकिन जिम्मेदारों की मनमानी से सामुदायिक शौचालयों पर ताला लटका रहता है। जबकि हाल ही में जिला पंचायत राज अधिकारी बलरामपुर ने सभी सहायक विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत सचिव को सामुदायिक शौचालय को नियमित रूप से खुलवाने के लिए निर्देश दिया था। और साथ ही उन्होंने पांच -पांच सामुदायिक शौचालय संचालित करते हुए की फोटो कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए थे। बावजूद इसके विकास खंड तुलसीपुर की ग्राम पंचायत रामगढ़ मैटहवा में शनिवार को देखा गया तो सामुदायिक शौचालय पर ताला लटक रहा था। जबकि सामुदायिक शौचालय के खुलने का समय सुबह 5बजे से 10बजे खुलने का नियम है।औरहिया के ग्रामीणों ने बताया की 6 महीने से सामुदायिक शौचालय का ताला नहीं खुला है। पंचायती राज विभाग की उदासीनता से ग्राम पंचायत में बना सामुदायिक शौचालय 6 महीनों से अनुपयोगी साबित हो रहा है। कागजों में सामुदायिक शौचालय संचालित है। लाखों की लागत से बने शौचालय का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। रखरखाव के लिए स्वयं सहायता समूह को जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन शौचालय में ताला लगा होने के कारण आम लोग इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।ग्रामीणों ने पंचायती राज अधिकारी से सामुदायिक शौचालय नियमित रूप से खुलवाए जाने की मांग की है।