सिरसिया, श्रावस्ती। आईसीएमआर– रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) गोरखपुर द्वारा जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सिरसिया क्षेत्र के मोतीपुर कलां में स्थानीय जनजातीय समुदाय के लिए एक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य लोगों को जूनोटिक एवं संक्रामक रोगों, उनके संचरण के तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को सामान्य जूनोटिक संक्रमण, स्वच्छता संबंधी व्यवहार, शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार की महत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, वन हेल्थ कैंप का भी आयोजन किया गया। जिसमें मानव, पशु और पर्यावरण इन तीनों के संयुक्त स्वास्थ्य दृष्टिकोण पर बल दिया गया। शिविर में हेपेटाइटिस स्क्रीनिंग, पोषण आकलन तथा अन्य स्वास्थ्य परीक्षण भी किए गए। कुल 400 स्थानीय निवासियों ने इस शिविर में भाग लिया। शिविर को स्थानीय समुदाय की ओर से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इस पहल ने जूनोटिक रोगों से संबंधित स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया और रोकथाम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं। यह संयुक्त प्रयास सामुदायिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए था। आईसीएमआर-आरएमआरसी गोरखपुर और जिला स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डॉ. नलिनी ने कार्यक्रम की शुरुआत किया। निदेशक डॉ हरि शंकर जोशी ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए संक्रामक रोगों के बारे विस्तृत जानकारी देते हुए इसके निदान के बारे में बताया। डॉ. गौरव ने वेक्टर जनित रोगों के रोकथाम के बारे में विस्तृत तौर से बताया। जंतु जनित रोगों के बारे में डॉ राजीव, डॉ नलिनी, डॉ रितेश ने अपने अपने विचार रखे। सीएमओ डॉ. ए के सिंह, मुख्य ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा पशुजन्य एवं संक्रमण रोग के रोकथाम हेतु चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. प्रवीण सहित वैज्ञानिक व चिकित्सक मौजूद रहे।