डीजल-पेट्रोल की जमाखोरी व अवैध परिवहन पर होगी कार्रवाई

सोनभद्र। जनपद में डीजल-पेट्रोल की जमाखोरी, कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने और अवैध परिवहन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जनहित और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पन्न परिस्थितियों के कारण पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर जमाखोरी की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसके साथ ही कुछ तेल कंपनियों द्वारा क्रेडिट सुविधा समाप्त किए जाने के चलते कई पेट्रोल पंप संचालकों को आपूर्ति में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण कुछ पेट्रोल पंपों के ड्राई होने की स्थिति भी सामने आई है। उन्होंने आशंका जताई कि इन परिस्थितियों का फायदा उठाकर कुछ डीजल-पेट्रोल रिटेल आउटलेट द्वारा कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर बाजार में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा सकती है, जिससे आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त पेट्रोल पंप संचालकों, व्यापारियों एवं आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी दशा में डीजल और पेट्रोल की अनावश्यक जमाखोरी न करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रम या दुष्प्रचार फैलाने से बचें, क्योंकि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल बाजार व्यवस्था को प्रभावित करती हैं बल्कि कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती उत्पन्न करती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था जमाखोरी, कालाबाजारी या अफवाह फैलाने जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाई जाती है तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने और बाजार में संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है तथा संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में प्रशासन की सक्रियता के चलते 27 मार्च 2026 को डीजल के अवैध परिवहन का एक मामला पकड़ा गया, जिसमें एक व्यक्ति डीजल को अवैध रूप से बिहार राज्य ले जा रहा था। जांच के दौरान पकड़े गए आरोपी हीरालाल निवासी ग्राम चैनपुरा, थाना अधौरा, जनपद कैमूर भभुआ (बिहार) के खिलाफ जिला पूर्ति अधिकारी के प्रस्ताव पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और अवैध परिवहन, जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दोहराया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और बाजार में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुचारू रूप से बनी रहे।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *