संग्रामपुर/अमेठी। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर जनपद के संग्रामपुर क्षेत्र में स्थित सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ माता कालिकन धाम में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां कालिका जी के दर्शन के लिए ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर परिसर “जय माता दी” के गगनभेदी जयघोष और घंटे-घड़ियालों की ध्वनि से गुंजायमान रहा।मां कालिका धाम के पीठाधीश्वर श्री महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मां स्कंदमाता की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की जननी हैं और भक्तों को ज्ञान, वैभव व मोक्ष प्रदान करने वाली आदिशक्ति हैं। उनकी आराधना से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर मार्ग से लेकर गर्भगृह तक व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा। थाना प्रभारी संजय सिंह के नेतृत्व में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।दिनभर विधि-विधानपूर्वक पूजन, दुर्गा सप्तशती पाठ, भजन-कीर्तन और विशेष अनुष्ठान चलते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। संध्या समय आयोजित महाआरती में श्रद्धालुओं की भीड़ अपने चरम पर पहुंच गई है। दीपों की जगमगाहट और मंत्रोच्चार से पूरा कालिकन धाम आलोकित हो उठा।नवरात्रि का पांचवां दिन कालिकन धाम में श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन का अनुपम उदाहरण बनकर सामने आया, जहां भक्तों ने मां के श्रीचरणों में शीश नवाकर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।