मिट्टी के स्वास्थ्य को सुधारने के अभियान में जुटे युवा वैज्ञानिक अक्षत देवरा:

स्योहारा (बिजनौर)। आज के प्रतिस्पर्धी युग में जहाँ अधिकांश युवा विदेशों और कॉर्पोरेट जगत के भारी-भरकम पैकेज की ओर आकर्षित हैं, वहीं स्योहारा के युवा वैज्ञानिक और उद्यमी अक्षत देवरा ने एक अलग राह चुनी है। भारतीय कृषि की रीढ़ यानी ‘मिट्टी’ के गिरते स्वास्थ्य को सुधारने का संकल्प लेकर अक्षत आज ‘मिट्टी बचाओ अभियान’ के जरिए देश के कृषि परिदृश्य में एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं।read more:https://worldtrustednews.in/crowds-of-devotees-gathered-for-the-maha-rudra-yagna-in-baraon-the-atmosphere-resonated-with-vedic-mantras/
वैज्ञानिक विजन: लैब से लेकर खेत की मेड़ तक का सफर  रामजस कॉलेज से वनस्पति विज्ञान में स्नातक और टेरी (TERI) से पादप जैव प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर अक्षत देवरा की पृष्ठभूमि पूरी तरह वैज्ञानिक रही है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के साथ कार्य का अनुभव और विधि क्षेत्र की प्रतिष्ठित फर्मों में विशेषज्ञता हासिल करने के बाद उन्होंने अपनी वैज्ञानिक समझ का उपयोग कृषि नवाचारों में करने का निर्णय लिया। उनके पिता डॉ॰ विनीत देवरा की प्राकृतिक कृषि के प्रति निष्ठा ने उन्हें इस पथ पर आगे बढ़ने की ऊर्जा प्रदान की। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए खतरे की घंटी: गिरता मृदा कार्बनअक्षत देवरा ने अपनी जांच में पाया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उपजाऊ क्षेत्र में भी 85 प्रतिशत खेतों में मृदा कार्बन का स्तर 0.5 प्रतिशत से कम रह गया है। इसी गंभीर संकट के समाधान के लिए उन्होंने ‘देवरा एग्रोटेक इंडस्ट्रीज़’ और ‘मिट्टी बचाओ अभियान’ की नींव रखी। अभियान की प्रमुख उपलब्धियां:2.5 लाख किसान: अब तक 650 से अधिक किसान संगोष्ठियों के माध्यम से एक विशाल नेटवर्क तैयार किया।मिट्टी जाँच केंद्र: आईसीएआर-पूसा के तकनीकी सहयोग से स्योहारा में अत्याधुनिक प्रयोगशाला का संचालन।कैक्टस नवाचार: पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा कैक्टस फार्म स्थापित किया, जिसमें 1.5 लाख से अधिक पौधों का संग्रह है। राष्ट्रीय मंचों पर बिजनौर का नाम किया रोशन अक्षत के उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें वर्ष 2025 में सॉइल कंजर्वेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा “सुमेर मेमोरियल राष्ट्रीय पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, जनपद बिजनौर के पूर्व जिलाधिकारियों, जसजीत कौर, अंकित अग्रवाल और उमेश मिश्रा ने भी उन्हें कई बार सम्मानित कर उनकी प्रतिभा का लोहा माना है। मिशन 2030: मिट्टी को वापस दिलाएंगे उसकी प्राचीन उर्वरताअक्षत देवरा का लक्ष्य केवल वर्तमान समस्याओं का हल निकालना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि को सुरक्षित करना है। उनके ‘विजन 2030’ के तहत मृदा कार्बन पुनर्स्थापन को राष्ट्रीय मानक बनाना प्राथमिकता है।”अक्षत देवरा ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि युवा शक्ति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मिलन हो जाए, तो बंजर होती मिट्टी को भी पुनर्जीवित किया जा सकता है। उनका यह प्रयास जनपद बिजनौर के लिए किसी गौरव से कम नहीं है।

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