महिलाओं को आरक्षण नही , समतामूलक प्रतिनिधित्व की जरूरत- राष्ट्रीय नागरिक पार्टी

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए शुक्रवार को कहां भारत का संविधान किसी व्यक्ति विशेष, धर्म और समुदाय को समर्पित नहीं, बल्कि भारत के नागरिकों समर्पित हैं। भारत के संविधान की उद्देशिका – हम, भारत के लोग – वे लोग जिन्हें संविधान के भाग 15 अनुच्छेद 326 के तहत मताधिकार प्राप्त, उन्हें ही चुनाव में अपने क्षेत्र के उम्मीदवार को वोट देने का अधिकार हैं। संविधान भारत की जनता द्वारा स्वयं को समर्पित किया गया हैं। जनता ही लोकतंत्र में सर्वोच्च संप्रभु हैं। भारत किसी विदेशी सत्ता के अधीन नहीं हैं, न ही अन्य देश का डोमिनियन हैंव भारत अपने आन्तरिक और बाहरी मामलों में निर्णय लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं।लोकतन्त्रात्मक गणराज्य, जनता के लिए, जनता के द्वारा, और जनता होती हैं। इस में जनता अपने प्रतिनिधि ( सांसद, विधायक) को वोट के माध्यम से चुनती हैं। राष्ट्र का प्रमुख ( राष्ट्रपति ) वंशानुगत ( राजा का बेटा राजा )नहीं होगा,बल्कि जनता के द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक निश्चित समय के लिए चुना जाता हैं। राष्ट्र के समस्त नागरिकों को: नागरिक का अर्थ स्त्री, पुरूष और किन्नर समाज से हैं। जब बच्चा जन्म लेता हैं,तो उस की पहचान किसी व्यक्ति विशेष, धर्म और समुदाय के आधारित नहीं,बल्कि शिशु की पहचान लिंग आधारित अर्थात स्त्रीलिंग, पुलिंग, या ट्रान्सजेंडर के रूप में होता हैं। प्राकृतिक रूप तथा संवैधानिक शब्द के रुप में देखा जाए तो स्त्री समाज, पुरूष समाज और किन्नर समाज के रूप में नजर आता हैं।गौतम ने बताया कि राष्ट्रीय नागरिक पार्टी के दो व्यापक शब्द अर्थात राष्ट्र और नागरिक और जागरूक राष्ट्र विकसित और सुरक्षित को आधार मानकर तथा संविधान की उद्देशिका के अनुरूप तैयार किए गए राष्ट्र विकास एजेण्डा मुख्यत उद्देश्य राष्ट्रीय नागरिक पार्टी की विचार धारा किसी व्यक्ति विशेष, धर्म और समुदाय पर आधारित नहीं, बल्कि राष्ट्रीय नागरिक पार्टी का उद्देश्य इस सब से उपर उठकर देश के समस्त नागरिकों अर्थात स्त्री, पुरूष और किन्नर समाज को समता के आधार पर समस्त क्षेत्र में समतामूलक प्रतिनिधित्व प्रदान करना हैं।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette

राष्ट्र के समस्त नागरिकों अर्थात स्त्री, पुरूष और किन्नर समाज के साथ गांव की पहचान- मां धरती का सम्मान करते हुए जीवन स्तर में व्यापक सुधार के लिए ‘ समतामूलक आवासीय मापदंड विकसित करना, स्वास्थ सेवायें और शिक्षा क्षेत्र का राष्ट्रीयकरण, शिक्षा का मापदंड अन्तरराष्ट्रीय स्तर का होगा, जिस को अर्थात शिक्षा को व्यक्ति विशेष, धर्म और समुदाय से मुक्त रखा जाएगा, ( एक राष्ट्र- एक समान शिक्षा, एक राष्ट्र- एक समान स्वास्थ) की सुविधा होगा प्रावधान, रोजगार सृजन कर, बेरोजगार युवाओ को रोजगार उपलब्ध करना प्राथमिकता होगी। इसी कड़ी में पुरूष के साथ-साथ महिलाओं और किन्नर समाज को पार्टी संगठन, विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, पत्रकारिता,सरकार के संवैधानिक संस्थान सहित विकास के समस्त क्षेत्र में स्त्री 49 प्रतिशत, पुरूष 49 प्रतिशत, तथा 2 प्रतिशत किन्नर समाज को समतामूलक प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया जाएगा। स्त्री, पुरूष समाज के साथ-साथ किन्नर समाज के प्रत्येक किन्नर को पैतृक सम्पति में हिस्सेदार तथा अभिभावक/ संरक्षक नाम के साथ सामाजिक न्याय प्रदान करना, कृषि क्षेत्र को विकसित और सुरक्षित रखना तथा मजदूर और किसान के हितो की रक्षा करना हैं।गौतम ने बताया कि राष्ट्र के नागरिकों को समतामूलक प्रतिनिधित्व देने के लिए एक राजनैतिक न्याय की पहल लोक सभा के आम चुनाव में स्त्री 49 प्रतिशत, पुरूष 49 प्रतिशत, तथा 2 प्रतिशत किन्नर समाज अर्थात लोक सभा के आम चुनाव में स्त्री 261 सीट पर, पुरूष 261 सीट पर तथा 11 सीट पर किन्नर समाज से उम्मीदवार उतारने का काम करेगी। राष्ट्रीय नागरिक पार्टी को लोक सभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल होने पर, केन्द्रीय मंत्रिमंडल गठन में 49 प्रतिशत स्त्री, 49 प्रतिशत पुरूष तथा 2 प्रतिशत किन्नर समाज को प्रतिनिधित्व प्रदान करना अनिवार्य होगा। साथ ही लोक सभा के पांच साल के कार्यकाल के दौरान पहले 2 साल स्त्री, अगले 2 साल पुरूष, तथा अन्तिम एक साल किन्नर समाज के प्रतिनिधि को प्रधानमंत्री पद पर कार्य करने का अवसर दिया जाएगा। हर प्रधानमंत्री के मंत्रीमंडल गठन में नए सांसदों को सम्मलित किया जाएगा।राष्ट्रीय अध्यक्ष के के गौतम ने कहा कि अगले साल 2027 में उत्तर प्रदेश की 403 विधान सभा, उत्तराखंड की 70 विधान सभा तथा पंजाब राज्य की 117 विधान सभा सीट के आम चुनाव मे स्त्री 49 प्रतिशत, पुरूष 49 प्रतिशत, तथा 2 प्रतिशत किन्नर समाज अर्थात उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में स्त्री 199 सीट पर, पुरूष 199 सीट पर, तथा 5 सीट पर किन्नर समाज, उत्तराखंड विधान के आम चुनाव में स्त्री 34 सीट पर, पुरूष 34 सीट पर, तथा 2 सीट पर किन्नर समाज, तथा पंजाब राज्य की विधान सभा के आम चुनाव में स्त्री 57 सीट पर, पुरूष 57 सीट पर, तथा 3 सीट पर किन्नर समाज से उम्मीदवार उतारने का काम करेगा। पार्टी को तीनों राज्य उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड राज्य, पंजाब राज्य के विधान सभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल होने पर उत्तर प्रदेश के 60 सदस्यीय मंत्रीमंडल गठन में 29 स्त्री, 29 पुरूष तथा 2 किन्नर समाज, उत्तराखंड राज्य के 11 सदस्यीय मंत्रीमंडल गठन में मुख्य मंत्री सहित 5 स्त्री, 5 पुरूष तथा एक किन्नर समाज, पंजाब राज्य के 17 सदस्यीय मंत्रीमंडल गठन में 8 स्त्री, 8 पुरूष, तथा एक किन्नर समाज के प्रतिनिधि को राज्य के मुख्य मंत्री पद पर कार्य करने का अवसर दिया जाएगा। हर मुख्यमंत्री के मंत्रीमंडल गठन में नए विधायकों को सम्मलित किया जाएगा।गौतम ने बताया कि राष्ट्रीय नागरिक पार्टी के नेतृत्व में राष्ट्र और नागरिकों अर्थात स्त्री, पुरूष और किन्नर समाज के मुद्दों के आधारित एक मजबूत राजनैतिक गठबंधन जिसका नाम ” भारतीय नागरिक समतामूलक प्रतिनिधित्व महागठबंधन” बनाया हैं जो राजनैतिक दल राष्ट्र के नागरिकों को समतामूलक प्रतिनिधित्व देने में सहयोगी बनना चाहेगें लोक तथा विधान सभा के आम चुनाव में राष्ट्रीय राजनैतिक दल, क्षेत्रीय राजनैतिक दल अर्थात जिनके पास अपना स्थायी चुनाव चिन्ह होगा, ऐसे राजनैतिक दलों को 70 प्रतिशत सीट पर तथा अन्य राजनैतिक दलों को 30 प्रतिशत सीट पर समता के आधार पर उम्मीदवार उतारने का अवसर दिया जाएगा।

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