नई दिल्ली, 26 अप्रैल।विश्वकर्मा महासंघ के तरफ से आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में चयनित नेहा पंचाल, शिवम विश्वकर्मा, रिंकी धीमान व अंकुर शर्मा को सम्मानित किया गया। इस मौके पर अंबेडकर कॉलेज के डॉ. महेश पांचाल ने स्वागत वक्तव्य में कहा कि आज हमारे समाज में ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थी हैं जो बहुत कम संसाधनों में अपने लक्ष्य को हासिल कर रहे हैं। उन्होंने सभी उपस्थित अतिथियों व आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि यह मंच युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।read more:https://worldtrustednews.in/india-will-definitely-become-a-world-leader-no-one-should-have-any-doubt-about-it-bhagwat/इस अवसर पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग 2024 की परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों में प्रथम स्थान प्राप्त नेहा पंचाल, 58वें स्थान प्राप्त शिवम विश्वकर्मा, 119वें स्थान प्राप्त रिंकी धीमान एवं डिस्ट्रिक्ट सोशल वेलफेयर विभाग में 5वां स्थान प्राप्त अंकुर शर्मा को सम्मानित किया गया। सभी चयनित अभ्यर्थियों ने इस अवसर पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और आत्मविश्वास से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है। वैवाहिक जीवन का निर्वाह करते हुए नेहा पांचाल ने कठिन परिश्रम किया और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में चयनित हुई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विवाह और पारिवारिक जिम्मेदारियां सपनों की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने अपने संघर्ष और परिवार के सहयोग का उल्लेख करते हुए बताया कि कई बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उनकी सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को अधूरा मान बैठते हैं। शिवम विश्वकर्मा ने अपने वक्तव्य में बताया कि उन्होंने अपने पिता से प्रेरणा लेकर सिविल सेवा का मार्ग चुना। उन्होंने धैर्य, समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया। उन्होंने कहा जीत का कोई विकल्प नहीं होता। अंकुर शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सफलता भाग्य से नहीं, बल्कि स्पष्ट दृष्टि, निरंतर मेहनत और स्वयं पर विश्वास से मिलती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे असफलताओं को सीखने का अवसर मानें और निरंतर आगे बढ़ते रहें।
रिंकी धीमान, जिन्होंने मात्र 23 वर्ष की आयु में यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। इन्होंने अपने संबोधन में अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों की क्षमता पर भरोसा करें। साथ ही कहा कि सही मार्गदर्शन और विश्वास युवाओं को ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अपूर्वा सिंह एवं डॉ. सुमित तावड़ा ने प्रभावशाली ढंग से किया। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने चयनित अभ्यर्थियों से परीक्षा रणनीति, मानसिक दबाव, समय प्रबंधन और प्रेरणा से जुड़े प्रश्न पूछे। इस अवसर पर विश्वकर्मा महासंघ ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई। यह समारोह न केवल उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह संदेश भी था कि संघर्ष जितना गहरा होगा, सफलता उतनी ही उज्ज्वल होगी। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक स्वागत, दीप प्रज्ज्वलन एवं विश्वकर्मा आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात सुहानी सिंह, पद्मश्री नाट्य भ्रामरी पुरस्कार प्राप्त लक्ष्मण राज तथा यथार्थ द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया। विश्वकर्मा समाज द्वारा डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली सरकार में कार्यरत जॉइंट डायरेक्टर प्लानिंग विभाग के मनीष देव विश्वकर्मा तथा अध्यक्षता लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. अमित शर्मा ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जॉइंट डीन रिसर्च काउंसिल, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. अश्विनी सिवाल, डायरेक्टर आईटी विभाग भारत सरकार भूपेंद्र धीमान, दिल्ली इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक संजय पांचाल, सामाजिक कार्यकर्ता देवी सिंह ठेकेदार, अखिल भारतीय विराटसंघ के अध्यक्ष यशपाल पांचाल, इंजीनियर यशपाल धीमान डॉ. सचिन कुमार, डॉ. महेंद्र कुमार, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. दिलीप कुमार, अमित कुमार, सुभाष पांचाल, नरेश पांचाल, कर्नल सचिन जांगीर, डॉ. विनोद पांचाल, मास्टर विनोद पांचाल जिला अध्यक्ष भारतीय जानता पार्टी, शिमला देवी, शिवानी पांचाल के साथ अनेकों विद्यार्थी एवं विश्वकर्मा समाज के अनेकों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।