शिक्षा सुधारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु उत्कृष्ट अधिकारियों को परख रही योगी सरकार

लखनऊ, । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधारों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में भी सक्रिय कदम उठा रहा है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार ‘अवार्ड फॉर इनोवेशन एंड गुड प्रैक्टिसेज इन एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन’ के लिए प्रदेश में चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।शिक्षा प्रशासन में नवाचार, सुशासन, अधिगम सुधार, प्रभावी प्रबंधन और जनभागीदारी आधारित उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों का चयन कर उनके नाम राष्ट्रीय स्तर पर भेजे जाएंगे। यह पहल उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे शिक्षा सुधारों और नवाचारी प्रशासनिक मॉडलों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।चयनित होंगे चार बीएसए और छ: बीईओ अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पुरस्कार के लिए उत्तर प्रदेश से 4 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) तथा 6 खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) का चयन किया जाएगा।read more:https://pahaltoday.com/mohsina-kidwai-was-a-leading-leader-in-the-countrys-politics-rajnath/ इसके लिए सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे शिक्षा प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का विवरण निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराएं। चयन के दौरान नवाचार, बेहतर प्रबंधन, सामुदायिक सहभागिता, अधिगम स्तर में सुधार, विद्यालयी व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण तथा विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश से चयनित अधिकारी राष्ट्रीय स्तर पर राज्य  का प्रतिनिधित्व करेंगे और अपने कार्यों के माध्यम से प्रदेश में लागू शिक्षा सुधारों की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करेंगे। क्या है ‘अवार्ड फॉर इनोवेशन एंड गुड प्रैक्टिसेज इन एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन’ उल्लेखनीय है कि ‘अवार्ड फॉर इनोवेशन एंड गुड प्रैक्टिसेज इन एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन’ भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध राष्ट्रीय स्तर की पहल है। इसका उद्देश्य शिक्षा प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करना तथा देशभर में सफल प्रशासनिक नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणालियों को पहचान दिलाना है। यह हैं निर्देश निर्देशों में कहा गया है कि जनपद ऐसे अधिकारियों के नाम प्रस्तावित करें, जिन्होंने शिक्षा प्रशासन में नवाचार आधारित कार्यप्रणाली अपनाकर उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए हों। विशेष रूप से वे अधिकारी प्राथमिकता में रहेंगे जिनके प्रयासों से विद्यार्थियों के अधिगम स्तर, विद्यालय प्रबंधन, सामुदायिक सहभागिता या शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला हो। प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणाम आधारित प्रशासनिक संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए होने वाला यह चयन न केवल उत्कृष्ट अधिकारियों को पहचान दिलाएगा, बल्कि शिक्षा प्रशासन में नवाचार, प्रतिस्पर्धा और बेहतर प्रदर्शन की संस्कृति को भी प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते वर्षों में बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में अनेक व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं। निपुण भारत मिशन, बाल वाटिका, विद्यालय कायाकल्प, स्मार्ट कक्षाएं, डिजिटल शिक्षण संसाधन, मिशन प्रेरणा, शिक्षक प्रशिक्षण और अधिगम गुणवत्ता सुधार जैसे कार्यक्रमों ने विद्यालयी शिक्षा को नई दिशा प्रदान की है। इन पहलों को सफलतापूर्वक धरातल तक पहुंचाने में जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही कारण है कि अब ऐसे अधिकारियों की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को गति दी जा रही है।

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