सोनभद्र। जनपद में भारतीय जनता पार्टी के भीतर असंतोष के स्वर तेज होते नजर आ रहे हैं। पार्टी जिलाध्यक्ष के कार्यशैली और विशेष वर्ग के प्रति व्यवहार को लेकर सामान्य वर्ग के कार्यकर्ताओं में असंतोष है। जिलाध्यक्ष के सवर्ण समाज के प्रति कथित दुव्र्यवहार को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। एक के बाद एक कार्यकर्ता संगठन से दूरी बनाते दिख रहे हैं।पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में भाजपा के कई सक्रिय कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष के कथित दुव्र्यवहार से नाराज होकर संगठन की गतिविधियों से किनारा कस रहे हैं, जिससे संगठन की मजबूती पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। चर्चाओं पर गौर करें तो जिलाध्यक्ष के कार्यशैली और विशेष वर्ग के प्रति व्यवहार को लेकर कार्यकर्ताओं में जबरजस्त आक्रोश है, हालांकि आधिकारिक तौर पर पार्टी की ओर से इस मामले में कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने और संगठन में संतुलन बनाने की कोशिश नहीं की गई तो इसका असर आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है।read more:https://pahaltoday.com/the-ceasefire-will-have-global-implications-for-energy-the-economy-and-diplomacy-which-will-be-a-relief-for-the-general-public/ फिलहाल जिले की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें पार्टी नेतृत्व की आगामी रणनीति पर टिकी हैं। गौरतलब है कि बीते दिनों भाजपा नौडिहां 199 बूथ अध्यक्ष उमेश चैबे ने भाजपा के जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता पर जाति पूछकर अपमानित करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा सौंपा था। बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया फेसबूक आईडी पर भाजपा से इस्तीफा देने का कारण बताते हुए एक पोस्ट डाला था। उमेश चैबे के अनुसार, संगठन के एक कार्यक्रम में थोड़ा विलंब से पहुंचने पर पार्टी जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने उनसे उनका नाम पूछा। उन्होंने अपना नाम उमेश चैबे बताया, तो पार्टी जिलाध्यक्ष ने उन्हें अपमानि करते हुए कार्यक्रम से बाहर कर दिया। आरोप है कि ब्राह्मण होने के कारण पार्टी जिलाध्यक्ष ने उनके साथ दुव्र्यवहार किया। जिलाध्यक्ष के इस कथित कृत्य से आहत उमेश चैबे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बतादें कि इस मामले को लेकर सवर्ण आर्मी भारत के जिलाध्यक्ष पंकज शुक्ला ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में ब्राह्मण समाज के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। उधर लगाए जा रहे इन गंभीर आरोपों को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन वे मौजूद नहीं मिले। लिहाजा उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।