आजमगढ़।जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। विभिन्न आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए गए 8 व्यक्तियों के कुल 9 शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को अपराध और अवैध गतिविधियों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।जिलाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न थानों में गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज पाए गए थे। इन मामलों के आधार पर पुलिस विभाग ने नियमानुसार संबंधित शस्त्र लाइसेंसों को निरस्त किए जाने की संस्तुति प्रशासन को भेजी थी। इसके बाद उपलब्ध अभिलेखों, पुलिस आख्या तथा सभी तथ्यों का विस्तृत परीक्षण किया गया। जांच में संतुष्ट होने के उपरांत शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित व्यक्तियों के लाइसेंस निरस्त करने का आदेश जारी किया गया।जिन लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं उनमें थाना अतरौलिया क्षेत्र के बृजेश उपाध्याय, थाना पवई के जयप्रकाश सिंह, थाना फूलपुर के अशहद उर्फ चुन्नू शेख, थाना गंभीरपुर के मोहम्मद आरिफ, जिनके दो शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, थाना कोतवाली क्षेत्र के मंजीत उर्फ रंजीत सिंह, थाना महाराजगंज के मोहम्मद फैसल तथा थाना निजामाबाद के जिलेदार यादव शामिल हैं।read more:https://khabarentertainment.in/khadiya-bazar-kota-road-becomes-a-death-trap-commuters-plagued-by-potholes-and-waterlogging/प्रशासन के अनुसार इन सभी व्यक्तियों की गतिविधियों और उनके विरुद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरणों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने स्पष्ट कहा कि जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे किसी भी व्यक्ति को शस्त्र रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती जिसकी गतिविधियां कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती हों।प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी शस्त्र लाइसेंस धारकों के रिकॉर्ड की लगातार समीक्षा की जाएगी। जिन व्यक्तियों के विरुद्ध गंभीर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता सामने आएगी या जिनके विरुद्ध पुलिस की प्रतिकूल रिपोर्ट प्राप्त होगी, उनके विरुद्ध भी शस्त्र अधिनियम के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जनपद में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।