नानौता। मोहर्रम के अवसर पर गुरुवार को कस्बे में 9 मोहर्रम का विशाल मातमी जुलूस पूरे अकीदत और गमगीन माहौल में निकाला गया। जुलूस से पूर्व कदीम इमामबाड़ा सब्जवारियान में मजलिस का आयोजन हुआ, जिसमें मौलाना मोहम्मद हैदर नकवी ने कर्बला की घटना पर प्रकाश डालते हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानियों को याद किया। मजलिस के बाद निकले मातमी जुलूस में नगर की विभिन्न अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाजनी कर शहीद-ए-कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश की। अंजुमन जुल्फकारे हैदरी, अंजुमन हुसैनिया, अंजुमन हैदरी तथा मुल्क की प्रसिद्ध अंजुमन सरकारे अबुतालिब के सदस्यों ने दर्दभरे नौहे पढ़कर माहौल को गमगीन बना दिया।read more:https://worldtrustednews.in/intensive-campaign-under-mission-shakti-phase-5-0-in-ghazipur-anti-romeo-team-activated/ जुलूस जब इमामबाड़ा दरबार-ए-हुसैन कोट पहुंचा तो मरहूम सैय्यद जाहिद हुसैन उर्फ हाजी जुम्मन के मकान से शबीहे जुलजनाह बरामद हुई, जिसके बाद जुलूस अपने पारंपरिक मार्गों से होता हुआ इमामबाड़ा असद अली छत्ता पहुंचकर संपन्न हुआ। भीषण गर्मी को देखते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष अफजाल खान द्वारा जुलूस मार्ग पर विशेष व्यवस्थाएं कराई गईं। अकीदतमंदों को नंगे पांव चलने में परेशानी न हो, इसके लिए पूरे मार्ग पर मेट बिछवाए गए। इसके अलावा साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और रास्तों के गड्ढों को भरवाने का कार्य भी पहले ही पूरा करा लिया गया था। चेयरमैन अफजाल खान ने बताया कि मोहर्रम के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। शिया समाज के लोगों ने नगर पंचायत द्वारा कराई गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे और पूरे क्षेत्र में अमन, भाईचारे तथा श्रद्धा का वातावरण बना रहा।