रेलवे ट्रैक पर युवक की संदिग्ध मौत से मचा बवाल, हत्या या हादसा,

स्योहारा(बिजनौर)। जनपद बिजनौर के थाना स्योहारा क्षेत्र में 24 वर्षीय युवक का रेलवे ट्रैक पर मिला शव अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है। मामला आत्महत्या है या सुनियोजित हत्या—इसी सवाल के बीच पुलिस और परिजन आमने-सामने हैं। रेलवे ट्रैक पर मिला शव पुलिस के अनुसार, 30 मई 2026 की सुबह स्टेशन मास्टर मेवा नवादा की सूचना पर महमूदपुर रेलवे क्रॉसिंग से करीब 500 मीटर दूर रेलवे ट्रैक के किनारे एक युवक का शव बरामद हुआ। शव की पहचान जेब में मिले पहचान पत्र से गुलशन कुमार (24) पुत्र निरपेन्द्र सिंह निवासी ग्राम जुझैला के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बिजनौर भेज दिया।  परिजनों ने जताया हत्या का शक मृतक के परिजन पुलिस की थ्योरी से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि गुलशन की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। मृतक के पिता निरपेन्द्र सिंह का कहना है कि उनका बेटा देहरादून में काम करता था और हाल ही में उसने रहतौली गांव की एक युवती से कोर्ट मैरिज की थी, जिससे लड़की पक्ष नाराज था। परिजनों के मुताबिक, घटना वाली रात युवती ने गुलशन को मिलने के लिए बुलाया था। आरोप है कि वहां पहुंचने पर युवती के परिजनों ने उसे पकड़ लिया। गुलशन के साथ गया उसका साथी गौरव किसी तरह मौके से भाग निकला, जबकि गुलशन को पकड़ लिया गया। इसके बाद से ही उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है।read more:https://pahaltoday.com/cdo-reviewed-census-mnrega-housing-schemes/
 पुलिस का रुख, दुर्घटना या आत्महत्या  थाना प्रभारी संजय कुमार का कहना है कि लोको पायलट की सूचना के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन से कटने/दुर्घटना का प्रतीत होता है। वहीं, पुलिस क्षेत्राधिकारी धामपुर अभय कुमार पांडे का कहना है कि अभी जांच जारी है और विशेषज्ञ रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। कई सवालों में घिरा मामला  घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, कि गुलशन का शव गांव से रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचा? उसके साथ गया गौरव कहां है? शव पर चोट के निशान किस वजह से हैं? 112 पर कॉल के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की? मोबाइल, चार्जर और पैसे सुरक्षित कैसे मिले? इन सवालों ने मामले को और पेचीदा बना दिया है।   परिजनों का विरोध, अंतिम संस्कार रोका पुलिस कार्रवाई से नाराज परिजनों ने पहले शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। 30 अप्रैल की शाम से 1 मई की शाम तक पुलिस और परिजनों के बीच लगातार वार्ता चलती रही, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला।  भीम आर्मी की एंट्री, बढ़ा दबाव  मामले की सूचना मिलते ही भीम आर्मी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव जुझैला पहुंचने लगे। संगठन के जिला व मंडल स्तर के पदाधिकारियों ने बैठक कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई, जिससे पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया। एफआईआर दर्ज, समझौते के बाद अंतिम संस्कार बढ़ते दबाव के बीच पुलिस हरकत में आई और परिजनों से बातचीत के बाद राहुल सैनी, अतर सिंह और अर्जुन सिंह समेत कुछ नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। जांच जारी फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। अब पूरा मामला एक बड़े सवाल के साथ खड़ा है कि क्या यह महज एक हादसा था या फिर एक सोची-समझी साजिश?
इसका जवाब आने वाली जांच ही दे पाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *