स्काइडाइविंग विमान क्रैश होने से 12 लोगों की दर्दनाक मौत

वॉशिंगटन। अमेरिका के मिसौरी राज्य में रविवार को एक बेहद दर्दनाक विमान हादसा सामने आया है, जहां स्काइडाइविंग के लिए यात्रियों को ले जा रहा एक छोटा विमान उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बटलर मेमोरियल एयरपोर्ट के पास हुए इस भयानक हादसे में विमान में सवार सभी 12 लोगों की मौत हो गई है। यह हवाई अड्डा कैनसस सिटी से लगभग 105 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। अधिकारियों के मुताबिक, जमीन से टकराते ही विमान में इतनी भीषण आग लग गई कि किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला और मौके पर ही सभी यात्रियों ने दम तोड़ दिया। स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, रविवार सुबह करीब 11:30 बजे आपातकालीन सेवाओं को विमान दुर्घटना और उसमें लगी भयंकर आग की सूचना मिली थी। राहत और बचाव दल बिना वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंचे और जलते हुए मलबे पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई जा सकी, तब तक विमान पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। सुरक्षा एजेंसियों ने इस दृश्य को बेहद भयावह और दिल दहला देने वाला बताया है। विमान एयरपोर्ट के पास ही एक खुले खेत में गिरा था, जिसके बाद एहतियात के तौर पर आसपास की सड़कों को पूरी तरह बंद कर दिया गया।जांच रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान का संचालन स्काइडाइव कैनसस सिटी नामक कंपनी कर रही थी। हवाईअड्डा प्रबंधन और आपदा प्रबंधन एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि विमान ने जैसे ही रनवे से उड़ान भरी, उसने तुरंत बाईं ओर मोड़ लिया था।read more:https://pahaltoday.com/american-president-under-siege/शुरुआती आकलन से ऐसा प्रतीत होता है कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान की शक्ति या इंजन की ताकत अचानक कम हो गई थी। पायलट ने स्थिति को भांपते हुए विमान को सुरक्षित वापस उतारने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद विमान तेजी से नीचे की ओर गिरा और जोरदार धमाके के साथ जमीन से टकरा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हादसे से पहले किसी भी यात्री द्वारा विमान से छलांग लगाने या बचने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। सिंगल इंजन था विमान हादसे का शिकार हुआ विमान पैसिफिक एयरोस्पेस 750एक्सएल मॉडल का एक सिंगल-इंजन टर्बोप्रॉप विमान था। इस मॉडल का उपयोग आमतौर पर स्काइडाइविंग, माल ढुलाई और हवाई सर्वेक्षण जैसी सेवाओं के लिए किया जाता है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) के रिकॉर्ड के मुताबिक, इस विमान का निर्माण वर्ष 2010 में हुआ था और यह छोटे रनवे से भी उड़ान भरने में पूरी तरह सक्षम था। फिलहाल, राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड और एफएए की उच्चस्तरीय टीमें घटनास्थल पर मुस्तैद हैं और ब्लैक बॉक्स व मलबे की तकनीकी जांच के जरिए हादसे के असली कारणों का पता लगाने में जुटी हैं।

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