नई दिल्ली,। ग्रीष्मकालीन रंग महोत्सव का आरंभ रेपर्टरी द्वारा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में होने जा रहा है।इस रंग महोत्सव का उद्घाटन नवीनतमन प्रस्तुति अक्स तमाशा नाटक से होगा। ग्रीष्मकालीन रंग महोत्सव में कुल दस नाटकों की 26 प्रस्तुतियाँ होंगी।राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल 08 मई अपना वार्षिक ग्रीष्मकालीन रंग महोत्सव आयोजित करने जा रही है।38 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में विभिन्न शैलियों के नाटकों की प्रस्तुतियाँ होंगी । रंगमंडल की नवीनतम प्रस्तुति अक्स तमाशा नाटक का निर्देशन प्रख्यात रंगनिर्देशक भानू भारती ने किया है । इसकी घोषणा चितरंजन त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता में की।read more:https://pahaltoday.com/%e2%82%b910-hike-in-frp-is-cheating-sugarcane-farmers-bhagat-singh-verma/इस अवसर पर उन्होंने कहा भारत रंग महोत्सव 2026 की अभूतपूर्व सफलता के बाद एनएसडी समर थिएटर फेस्टिवल रंगप्रेमियों के लिए एक और महत्वपूर्ण रंगोत्सव है । हमारे कलाकारों द्वारा नई सृजनात्मक ऊर्जा के साथ प्रस्तुत किए जा रहे चर्चित नाटकों के माध्यम से दिल्ली का सांस्कृतिक वातावरण और अधिक ऊर्जावान होने जा रहा है । हमें आशा है कि दर्शक इसे भी पिछले वर्ष की तरह सफल बनाएँगे।नाटक अक्स तमाशा ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित नाटककार चंद्रशेखर बी. कम्बार के प्रसिद्ध कन्नड़ नाटक ‘सीरी सिम्पिगे’ का हिंदी रूपांतरण है, जिसका अनुवाद वरिष्ठ रंगकर्मी प्रो. राम गोपाल बजाज ने किया है । यह नाटक लोककथा जैसी शैली के माध्यम से भ्रम और सत्य की पड़ताल करता है तथा जुड़वाँ पात्रों के माध्यम से अपने विषयों को व्यंग्यात्मक और प्रतीकात्मक रूप में प्रस्तुत करता है । अनुष्ठानिक तत्वों और समकालीन रंगभाषा के मेल से यह आधुनिक दर्शकों तक जटिल विचारों को प्रभावशाली ढंग से पहुँचाता है ।इस महोत्सव में प्रस्तुत किए जाने वाले अन्य नाटकों में ‘बायेन’, ‘ताजमहल का टेंडर’, ‘बंदी गली का आख़िरी मकान’, ‘माई री मैं का से कहूँ’, ‘तमस’, ‘अंधा युग’, ‘बाबूजी’, ‘आधे अधूरे’ तथा प्रख्यात रंगकर्मीन व राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के डायरेक्टर चितरंजन त्रिपाठी द्वारा निर्देशित नाटक समुद्र मंथन भी शामिल है। यह नाटक भारतीय पौराणिक कथा को एक आधुनिक परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया गया है। इस नाटक की दिल्ली, मुंबई, भोपाल, जयपुर और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में इसके अनेक प्रस्तुतियां हो चुकीं हैं।रेपर्टरी ग्रीष्मकालीन रंग महोत्सव के इस 38 दिवसीय आयोजन के दौरान रेपर्टरी के कलाकार राजस्थान की राजधानी जयपुर का भी दौरा करेंगे, जहाँ वे ‘आधे अधूरे’ और ‘तमस’ का मंचन करेंगे ।महोत्सव का समापन 14 जून, 2026 को ‘समुद्र मंथन’ नाटक के साथ होगा । इस नाटक को आसिफ़ अली ने लिखा है तथा इसकी रूप-सज्जा, संगीत संयोजन और निर्देशन श्री चित्तरंजन त्रिपाठी ने किया है । प्रेस वार्ता में प्रख्यात रंगकर्मी डॉ प्रकाश झा, जयन्त राभा, उत्पल झा, राजेश सिंह आदि उपस्थित थे।