लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए रहें सतर्क, लक्षण दिखते ही लें चिकित्सकीय परामर्श : डॉ. नम्रता श्रीवास्तव

गाजीपुर। जनपद सहित पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। चिलचिलाती धूप, उमस और गर्म हवाओं के चलते लू (हीट स्ट्रोक), डिहाइड्रेशन तथा अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. नम्रता श्रीवास्तव ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों का पालन करने की अपील की है।read more:https://pahaltoday.com/the-consumer-commission-settled-the-matter-by-giving-a-cheque-of-rs-55040/
डॉ. नम्रता श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान समय में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिसका सर्वाधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक लू और तेज धूप का प्रभाव सबसे अधिक रहता है, इसलिए इस दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
उन्होंने बताया कि शरीर में पानी की कमी होने पर अत्यधिक प्यास लगना, चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी, बेचैनी और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कई बार लू लगने की स्थिति गंभीर रूप धारण कर जानलेवा भी साबित हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार एवं ठंडे स्थान पर ले जाकर प्राथमिक उपचार देना चाहिए तथा बिना विलंब चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। साथ ही नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी, लस्सी तथा मौसमी फलों के रस का सेवन लाभदायक होता है। उन्होंने लोगों को खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों, बासी भोजन तथा अत्यधिक मसालेदार खाने से बचने की सलाह दी।
उन्होंने विशेष रूप से किसानों, मजदूरों और खुले वातावरण में कार्य करने वाले लोगों से नियमित अंतराल पर पानी पीने, सिर को कपड़े या टोपी से ढंककर काम करने तथा बीच-बीच में छांव में आराम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अधिक खराब हो जाए या लू के गंभीर लक्षण दिखाई दें तो घरेलू उपचार के भरोसे समय न गंवाएं, बल्कि तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से संपर्क करें।अंत में डॉ. नम्रता श्रीवास्तव ने कहा कि जागरूकता और सावधानी ही भीषण गर्मी तथा लू से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। थोड़ी सी सतर्कता अपनाकर लोग स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार को भी सुरक्षित रख सकते हैं।

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