*गाजियाबाद,माननीय अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग, उत्तर प्रदेश, श्रीमती बबीता चौहान की अध्यक्षता में डासना पंचायत घर, गाजियाबाद में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाओं के साथ *“शक्ति संवाद” कार्यक्रम* का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना तथा शासन द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करना रहा।कार्यक्रम के प्रारंभ में माननीय अध्यक्ष श्रीमती बबीता चौहान का स्वागत *जिला विकास अधिकारी एवं प्रधान, डासना देहात* द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। इसके पश्चात माननीय अध्यक्ष ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ संवाद प्रारंभ किया तथा उन्हें अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।माननीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के *संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण* के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर स्वयं तथा अपने परिवार की पात्र महिलाओं एवं बच्चों को इनका लाभ दिलाएं।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/
बेटियों की शिक्षा एवं सुरक्षा पर दिया जोर
माननीय अध्यक्ष ने *बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ* एवं *मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना* के संबंध में महिलाओं को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा एवं विकास तक विभिन्न स्तरों पर सहायता एवं प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने सभी महिलाओं से अपील की कि वे अपने घर की बेटियों को शिक्षित करें, उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार एवं राज्य महिला आयोग की प्राथमिकताओं में शामिल है।
समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं
“शक्ति संवाद” के दौरान माननीय अध्यक्ष द्वारा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से उनके कार्य, आय तथा समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आए बदलाव के संबंध में जानकारी ली गई।*उमेशरानी, नेहा डमद, इनायतपुर एवं क्लस्टर अध्यक्ष* ने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले उनकी कोई विशेष पहचान नहीं थी। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर *टी-शर्ट प्रिंटिंग* का कार्य शुरू किया, जिससे वर्तमान में उन्हें लगभग *15 हजार रुपये प्रतिमाह* की आय हो रही है। उन्होंने इसके लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।*रजिया, स्वयं सहायता समूह* ने बताया कि वह *बैंक सखी* के रूप में कार्य कर रही हैं और अब तक लगभग *60 स्वयं सहायता समूहों को बैंक से ऋण दिलाने* में सहयोग कर चुकी हैं।*मीना शर्मा, शुभकमल SHG* ने बताया कि वह *लड्डू गोपाल की ड्रेस बनाने* का कार्य करती हैं, जिससे उन्हें लगभग *30 हजार रुपये प्रतिमाह* की आय प्राप्त होती है। साथ ही उनके कार्य से लगभग *10 महिलाओं को रोजगार* भी उपलब्ध हो रहा है।*रानी, मुबारक SHG, ग्राम पंचायत रसूलपुर सिकरोड़ा* ने बताया कि वह समूह के माध्यम से सिलाई का कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें लगभग *15 हजार रुपये प्रतिमाह* की आय होती है। उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने एक परिवार में *सोलर सिस्टम लगवाने* में भी सहयोग किया है।*नीलम शर्मा, एकता SHG, ग्राम पंचायत कनौजा* ने बताया कि उन्होंने समूह से आर्थिक सहायता प्राप्त कर *कॉस्मेटिक की दुकान* शुरू की है, जिससे वह लगभग *8 से 10 हजार रुपये प्रतिमाह* की आय अर्जित कर रही हैं।*कमलेश, शांति SHG, डासना देहात* ने बताया कि उनका समूह *दोना-पत्तल निर्माण* का कार्य करता है, जिससे लगभग *20 हजार रुपये प्रतिमाह* की आमदनी हो रही है।*अनीता, लक्ष्मी SHG, डासना देहात* ने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने समूह से आर्थिक सहायता लेकर *रेडीमेड गारमेंट की दुकान* शुरू की, जिससे उन्हें लगभग *15 हजार रुपये प्रतिमाह* की आय हो रही है। इसके साथ ही उनके समूह को *राशन कोटे की दुकान* भी प्राप्त हुई है।माननीय अध्यक्ष ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना परिवार एवं समाज के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ें तथा प्रशिक्षण, ऋण एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने रोजगार एवं आय के साधनों को और मजबूत करें।
महिलाओं से स्वास्थ्य एवं परिवार के प्रति सजग रहने की अपील
कार्यक्रम के अंत में माननीय अध्यक्ष ने सभी महिलाओं से अनुरोध किया कि वे अपने परिवार के बच्चों को *उचित पोषण, शिक्षा एवं सकारात्मक वातावरण* उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वयं के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें। उन्होंने महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने तथा अपने परिवार के लिए *सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण* सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के समापन पर *जिला विकास अधिकारी* द्वारा माननीय अध्यक्ष श्रीमती बबीता चौहान का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उन्होंने कहा कि माननीय अध्यक्ष द्वारा अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया गया और उनका उत्साहवर्धन किया गया, जिससे महिलाओं को नई ऊर्जा एवं प्रेरणा मिली।कार्यक्रम में *जिला विकास अधिकारी, जिला समन्वयक—हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन, सेंटर मैनेजर एवं अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारी* उपस्थित रहे।