बिना परमिट बालू-गिट्टी लदे वाहनों के संचालन से राजस्व को लाखों की क्षति

म्योरपुर, सोनभद्र। दक्षिणांचल क्षेत्र की सड़कों पर इन दिनों बिना परमिट बालू और गिट्टी लदे ट्रक एवं टीपर बेखौफ दौड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध परिवहन के कारण सरकार को प्रतिमाह लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जबकि निगरानी और कार्रवाई के लिए गठित विभागीय टीमें इस पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल साबित हो रही हैं।read more:https://pahaltoday.com/delay-in-justice-leads-to-failure-of-justice-prof-vijay-tiwa
सूत्रों के अनुसार, डाला और ओबरा क्षेत्र से झारखंड तक गिट्टी की आपूर्ति करने वाले कई ट्रक बिना वैध परमिट के ही नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं। बताया जाता है कि ये वाहन सोनभद्र की सीमा पार कर झारखंड तक पहुंच रहे हैं। हैरत की बात यह है कि इस मार्ग में कई वन रेंज, पुलिस थाने तथा विभिन्न विभागों की जांच व्यवस्थाएं मौजूद हैं। वहीं दुद्धी क्षेत्र की बालू खदानों से भी बिना परमिट बालू लदे टीपर दुद्धी, म्योरपुर, लिलासी, किरबिल, बभनी, बीजपुर, अनपरा, बीना और शक्तिनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में धड़ल्ले से परिवहन कर रहे हैं। आरोप है कि इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध परिवहन से न केवल राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि खनन नियमों की भी खुलेआम अनदेखी की जा रही है। लोगों ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) रेणुकूट का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए बिना परमिट संचालित वाहनों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी दुद्धी राजेश कुमार राय ने बताया कि जिलाधिकारी स्तर पर गठित तहसील स्तरीय टास्क फोर्स इस प्रकार के मामलों की निगरानी करती है। उन्होंने कहा कि बिना परमिट खनिज परिवहन से संबंधित जानकारी और कार्रवाई के विषय में खनन विभाग ही अधिकृत रूप से जानकारी दे सकता है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि संबंधित विभाग संयुक्त अभियान चलाकर नियमित जांच करें तो अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है और राजस्व क्षति को रोका जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *