राजनाथ सिंह ने YIL आयुध कारखाने में किया भूमि पूजन, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

नागपुर  .रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को नागपुर के अंबाझरी में थे। यहां उन्होंने आयुध कारखाने में सरकारी कंपनी ‘यंत्र इंडिया लिमिटेड’ (YIL) की 10,000 टन की एल्युमीनियम एक्सट्रूजन प्रेस का शिलान्यास किया। यह नई सुविधा रक्षा क्षेत्र में जरूरी एल्युमीनियम पुर्जों के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी।  रक्षा मंत्री ने क्या कहा? इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, पारंपरिक युद्ध और उसके तरीके आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितने 1947 में थे। उन्होंने जोर दिया कि साल 2047 में भी इनकी अहमियत बनी रहेगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि युद्ध छिड़ने पर सप्लाई चेन टूट सकती है।  ऐसी स्थिति में हर देश चाहता है कि जरूरी सामान का निर्माण अपने ही देश में हो। जो राष्ट्र अपनी जरूरतें खुद पूरी करता है, वही आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकता है। रक्षा उत्पादन में हुई बढ़ोतरी
उन्होंने सैन्य औद्योगिक आधार को भविष्य के लिए बहुत जरूरी बताया। राजनाथ सिंह ने भारत की रक्षा प्रगति के आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने बताया कि साल 2014 में भारत का रक्षा उत्पादन केवल 46,000 करोड़ रुपये था। साल 2025-26 में यह बढ़कर 1,78,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। read more:https://pahaltoday.com/in-which-direction-are-raghav-chadhas-political-steps-moving-he-seems-interested-in-forming-his-own-party/ इसी तरह रक्षा निर्यात में भी बड़ी बढ़त हुई है। साल 2014 में भारत का रक्षा निर्यात सिर्फ 1,000 करोड़ रुपये था। अब यह बढ़कर 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन बढ़ने से भारत एक मजबूत सैन्य शक्ति के रूप में उभर रहा है। देश अब अपनी जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *