नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी को छोड़ भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा को संसद की पिटीशन कमेटी (याचिका समिति) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने समिति का पुनर्गठन करते हुए 10 सदस्यों को इसमें शामिल किया है। नई समिति में राघव चड्ढा के अलावा हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथेर हिशाम, सुबाशीष खुंटिया, रोंगवरा नरजारी और संदोष कुमार पी. को सदस्य बनाया गया है। पिटीशन कमेटी संसद की महत्वपूर्ण समितियों में से एक मानी जाती है। यह समिति नागरिकों द्वारा संसद के समक्ष प्रस्तुत याचिकाओं और जनहित से जुड़े मामलों की समीक्षा कर अपनी सिफारिशें देती है।read more:https://pahaltoday.com/shivoham-yoga-created-awareness-about-yoga/ राघव आप से बिजेपी में हुए थे शामिल यहां बताते चलें कि राघव चड्ढा आप में रहते हुए पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। इसके बाद 24 अप्रैल, 2026 को उन्होंने आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई से ज्यादा यानी कुल सात राज्यसभा सांसदों के साथ पार्टी छोड़ दी थी और बीजेपी का दामन थाम लिया था। उनके साथ ही संदीप पाठक, राजिंदर गुप्ता, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल ने बिजेपी का दामन थामा था। याचिका समिति का क्या होता है काम संसद के उच्चसदन की याचिका समिति प्राथमिक कार्य के तौर पर सदन के सामने पेश की गई याचिकाओं की जांच करती है। इसके साथ ही समिति कार्यपालिका के कार्य से संबंधित विशेष सार्वजनिक शिकायतों अथवा सामान्य सार्वजनिक महत्त्व के मामलों की भी जांच करती है। समिति नागरिकों के लिए एक औपचारिक मंच के तौर पर भी कार्य करती है। जब सामान्य प्रशासनिक स्तर पर राहत नहीं मिलती तब शिकायतकर्ता अपनी शिकायतों का समाधान इस समिति के माध्यम से करवा सकते हैं।