वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान व्हाइट हाउस के बाहर सुरक्षा चौकी पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग की घटना सामने आई है। वहां तैनात सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमलावर को गोली मारकर अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस घटना में हमलावर समेत दो लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राथमिक जांच के अनुसार, हमलावर मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रहा है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक उसकी आधिकारिक पहचान और हमले के कारणों का खुलासा नहीं किया है। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना वाइट हाउस के पास स्थित 17वीं स्ट्रीट और पेनसिलवानिया अवेन्यू के सुरक्षा जांच केंद्र पर हुई। एक संदिग्ध व्यक्ति अचानक चौकी की तरफ बढ़ा और उसने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाकर्मियों की गोली लगने से वह वहीं गिर पड़ा। इस घटना की पुष्टि करते हुए एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर चुकी हैं। पिछले एक महीने के भीतर राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा में चूक का यह दूसरा बड़ा मामला है, जिससे सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया है। फायरिंग की आवाज सुनते ही वाइट हाउस परिसर में मौजूद मीडियाकर्मियों और अधिकारियों के बीच भगदड़ मच गई। डर के मारे कई पत्रकार अपनी जान बचाने के लिए ब्रीफिंग रूम की तरफ भागे।read more:https://pahaltoday.com/body-board-meeting-was-organised-in-rasulabad-nagar-panchayat-auditorium/घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने पूरे वाइट हाउस परिसर और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया है। आम जनता के लिए इस मार्ग को बंद कर दिया गया है तथा एफबीआई और सीक्रेट सर्विस की टीमें इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही हैं। जिस समय यह हमला हुआ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ओवल ऑफिस में मौजूद थे। वे ईरान के साथ होने वाले संभावित शांति समझौते को अंतिम रूप देने के लिए इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब के राष्ट्राध्यक्षों के साथ फोन पर बेहद महत्वपूर्ण चर्चा कर रहे थे। हमले की सूचना मिलते ही अत्याधुनिक हथियारों से लैस सीक्रेट सर्विस के जवानों और नेशनल गार्ड्स ने पूरे वाइट हाउस को अपने घेरे में ले लिया। परिसर की सुरक्षा अत्यंत कड़ी कर दी गई है और फिलहाल किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।