कायमगंज / फर्रुखाबाद।
क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। भारतीय कृषक एसोसिएशन ने कायमगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए अधीक्षक के स्थानांतरण की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें अस्पताल की बदहाल व्यवस्था और मरीजों के साथ कथित अनियमितताओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि पूर्व अधीक्षक के तबादले के बाद से अस्पताल की व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती चली गई हैं, जिससे आम जनमानस को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार पर आरोप लगाते हुए संगठन ने कहा कि उनके कार्यकाल में पहले भी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है, फिर भी वे पिछले छह वर्षों से यहीं तैनात हैं।read more:https://pahaltoday.com/in-opposing-modi-the-opposition-is-betraying-women-power-pramod-verma/किसान नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मरीजों को बाहर से दवाएं लिखी जाती हैं, जिनमें कमीशनखोरी की आशंका है। इसके अलावा प्रसूता महिलाओं से कथित रूप से अवैध वसूली का आरोप भी लगाया गया है—जहां बेटा होने पर 5 हजार और बेटी होने पर 3 हजार रुपये लिए जाने की बात कही गई है। आरोप है कि पैसा न देने पर प्रसव में देरी का बहाना बनाया जाता है, जबकि निजी अस्पतालों में सामान्य डिलीवरी हो जाती है। इसके साथ ही फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर 10 से 25 हजार रुपये तक वसूली करने और गंभीर मामलों को हल्का दिखाकर धन उगाही करने के आरोप भी लगाए गए हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि अस्पताल में दवा वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं है—कई बार स्टॉक में दवाएं होने के बावजूद मरीजों को नहीं दी जातीं। हालांकि एक अन्य चिकित्सक के कार्य की सराहना करते हुए कहा गया कि उनके द्वारा लिखी गई दवाएं भी मरीजों को काउंटर से उपलब्ध नहीं कराई जातीं, जिससे मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है। किसान नेताओं ने इन सभी आरोपों को भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए कहा कि मामले की जांच विभागीय अधिकारियों के बजाय एसडीएम स्तर से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। साथ ही जनहित को ध्यान में रखते हुए अधीक्षक का शीघ्र स्थानांतरण कर स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष एस.के. दुबे, प्रदेश अध्यक्ष गोपाल तिवारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता मुन्नालाल सक्सेना, रामवीर जाटव, रामलाल गुप्ता, प्रताप सिंह गंगवार, विनीत सक्सेना सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।