श्रावण में बाबा के दरबार में नहीं चलेगा ‘प्रोटोकॉल’, सभी श्रद्धालुओं के लिए एक समान होगी दर्शन व्यवस्था

वाराणसी।श्री काशी विश्वनाथ धाम में इस वर्ष श्रावण मास के दौरान बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं को समान व्यवस्था के तहत दर्शन कराए जाएंगे। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले श्रावण मास में किसी भी प्रकार के प्रोटोकॉल या विशेष दर्शन की अनुमति नहीं होगी, किसी भी वीआईपी, जनप्रतिनिधि अथवा विशेष व्यक्ति की सिफारिश स्वीकार नहीं की जाएगी, सभी श्रद्धालुओं को सामान्य कतार से ही दर्शन करना होगा।read more:https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/श्रावण मेले की तैयारियों को लेकर सोमवार को आयुक्त एस. राजलिंगम और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में श्री काशी विश्वनाथ धाम में उच्चस्तरीय बैठक हुई, बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण समेत प्रशासन, पुलिस, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ और अन्य विभागों के अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, भीड़ नियंत्रण के लिए जिग-जैग बैरिकेडिंग को और मजबूत बनाया जाएगा, कतारों में उमस और गर्मी से राहत के लिए इंडस्ट्रियल एयर कूलर लगाए जाएंगे तथा जगह-जगह पेयजल, ओआरएस और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध रहेगी, वृद्ध, दिव्यांग और अशक्त श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क गोल्फ कार्ट सेवा भी संचालित होगी।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे खाली पेट दर्शन के लिए कतार में न लगें, क्योंकि श्रावण में अत्यधिक भीड़ के चलते दर्शन में अधिक समय लग सकता है, साथ ही मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ईयरफोन, बड़े बैग, तंबाकू और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं लेकर धाम न आने की सलाह दी गई है, इस बार भीड़ को देखते हुए निःशुल्क बैगेज काउंटर संचालित नहीं किए जाएंगे, जो श्रद्धालु धाम नहीं पहुंच सकेंगे, उनके लिए मंदिर न्यास की वेबसाइट, आधिकारिक यूट्यूब चैनल और टाटा स्काई के माध्यम से बाबा विश्वनाथ के लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।श्रावण के चारों सोमवार को बाबा का विशेष श्रृंगार किया जाएगा, 3 अगस्त को शंकर स्वरूप, 10 अगस्त को गौरी-शंकर, 17 अगस्त को अर्धनारीश्वर और 24 अगस्त को रुद्राक्ष श्रृंगार होगा, 27 अगस्त को पूर्णिमा पर झूला श्रृंगार तथा 28 अगस्त (रक्षाबंधन) को सामान्य दर्शन होंगे।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से दलालों और विशेष दर्शन का झांसा देने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि यदि कोई व्यक्ति पैसे लेकर शीघ्र दर्शन कराने का दावा करे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस या मंदिर प्रशासन को दें, इस वर्ष श्रावण मेले का उद्देश्य “सुरक्षित, व्यवस्थित और समान दर्शन व्यवस्था” सुनिश्चित करना है

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