अंधेरगर्दी:गरीब बच्चों के सरकारी स्कूलों की बिजली काटी

नगीना । इसे विद्युत विभाग की अंधेरगर्दी कहें या सिस्टम की तकनीकी खराबी व अफसरों की लापरवाही। जिसका खामियाजा सोमवार को उमसभरी भीषण गर्मी में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब नौनिहालों को भुगतना पड़ा।शहरी क्षेत्र के पांच व ग्रामीण क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल की बिजली कट जाने के कारण तीन सौ से अधिक गरीब बच्चों को अंधेरे कमरों में हाथ के पंखे झलते हुए पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ा।उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों में अधिकांश रूप से दलित,पिछड़े व अल्पसंख्यक वर्गों के गरीब बच्चे ही पढ़ते हैं। स्कूल के अध्यापकों द्वारा बताया गया कि बिजली बिलों के बकाया के कारण बिजली काटी गई लेकिन विद्युत विभाग के एक्स ईएन ने बकाया के कारण बिजली कटने से इंकार करते हुए कहा कि  कम्युनिकेशन ब्रेक डाउन के कारण मेरठ मुख्यालय के कंट्रोल रूम से सप्लाई बंद हुई।ज्ञातव्य है कि सरकारी स्कूलों व सरकारी अस्पतालों में बिजली की सुचारू आपूर्ति सरकार की प्राथमिकता में है।          नगर क्षेत्र के एक ही परिसर में चलने वाले पांच सरकारी स्कूलों(परिषदीय विद्यालयों) संविलियन प्राथमिक विद्यालय लुहारी सराय, प्राथमिक विद्यालय विश्नोई सराय, प्राथमिक विद्यालय पंजाबियान ,  प्राथमिक विद्यालय मीर की सराय व ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय रामपुरदास उर्फ पटपड़ा, तथा संविलियन उच्च प्राथमिक विद्यालय नगीना की बिजली काट दी गई। जिसके कारण इन विद्यालयों में पढ़ने वाले 300 से अधिक गरीब बच्चों को सोमवार को दिनभर उमसभरी भीषण गर्मी में अंधेरे कमरों में हाथ में पंखे लेकर पढ़ने को मजबूर होना पड़ा। सरकारी स्कूलों में स्मार्ट मीटर लगने का खामियाजा गरीब बच्चों को भुगतने की यह पहली घटना सामने आई है। इन सरकारी स्कूलों में लगाए गए स्मार्ट मीटरों के बकाया बिजली बिलों के जमा नहीं होने पर बिजली काटने की बात इन स्कूलों के अध्यापक बता रहे हैं।जबकि एक्स ईएन व एसडीओ इस बात से इनकार कर रहे हैं और तकनीकी खामी को कारण बता रहे हैं।    इन विद्यालयों के शिक्षकों ने बिजली विभाग में संपर्क किया तो कर्मियों ने बताया कि बकाया भुगतान के चलते स्मार्ट मीटर लगे होने के कारण आपूर्ति रोक दी गई है।भीषण गर्मी में बिजली के नहीं आने से विद्यार्थियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।मामला विद्युत निगम के अधिकारियों तक पहुंचा तो बिजली कर्मचारी स्कूल में जांच करने पहुंचे।उन्होंने अलग-अलग लगे दो मीटर कनेक्शन पर दो लाख 83 हजार रुपये का बकाया बता दिया। नगर संकुल प्रभारी मनीष कुमार राणा ने बताया कि उन्होंने बिजली गुल होने की सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दे दी है। उनका कहना है कि विद्यालय बंद होने तक बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाई है।कोतवाली ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि नगर व ग्रामीण क्षेत्र के कई स्कूलों में बिजली गुल होने की सूचना प्राप्त हुई है।ग्रामीण क्षेत्र में संचालित स्कूलों के बिजली बिल का बकाया भुगतान ग्राम सभा द्वारा किया जाता है।नगर क्षेत्र में संचालित स्कूलों के बिजली बिल का भुगतान कैसे होता है, इसकी जानकारी अभी नहीं है। इस पूरे मामले की सूचना जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दे दी गई है।   read more:https://pahaltoday.com/bangladesh-foreign-minister-who-met-jaishankar-said-send-sheikh-hasina-back/
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में बिना शिक्षा विभाग को जानकारी दिए स्कूलों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। स्कूलों का विद्युत बिल पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जमा होता है। स्कूलों की आपूर्ति बंद होने का पता लगने पर विद्युत अधिकारियों से बात की गई है। उन्होंने आपूर्ति सुचारू कराने की बात कही है।
बकाया नहीं, कम्युनिकेशन ब्रेक डाउन के कारण बिजली कटी:एक्स ईएन
विद्युत वितरण निगम नगीना के अधीक्षण अभियंता पुष्पेश कुमार ने बताया कि बिजली बिलों के बकाया जमा न होने के कारण सरकारी स्कूलों की बिजली नहीं काटी गई है,बल्कि कम्युनिकेशन ब्रेक डाउन के कारण मेरठ मुख्यालय के कंट्रोल रूम से बिजली कटी है।उन्होंने बताया कि बकाया भुगतान पर सरकारी अस्पताल व सरकारी स्कूलों में बिजली काटने का प्रावधान नहीं है।ऊर्जा निगम के जिन कर्मचारियों ने बकाया के चलते बिजली की सप्लाई बाधित होने की बात शिक्षकों से कही है, वह गलत है।कम्युनिकेशन ब्रेकडाउन के चलते स्कूलों में विद्युत सप्लाई रुकी है। सूचना मिलने के बाद कर्मचारियों को मौके पर भेज कर तकनीकी खामियों को दूर कराते हुए सप्लाई चालू कराने के निर्देश दे दिए गए हैं ।
प्राइवेट स्कूलों पर विद्युत विभाग की बरस रही हर रहमत
नगीना में दो दर्जन से अधिक प्राइवेट स्कूल हैं।कुछ प्राइवेट स्कूलों में तो एसी भी लगे हैं।इनके ऊपर विद्युत विभाग की खास मेहरबानी की बाबत पूछे जाने पर विद्युत विभाग के एसडीओ रामकेश सिंह ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं। एसडीओ रामकेश सिंह ने बताया कि कम्युनिकेशन ब्रेक डाउन तब होता है जब स्मार्ट मीटरों से बिजली खपत का रोजाना का डाटा तकनीकी खामियों या इंटरनेट की समस्या के कारण कंट्रोल रूम में नहीं जा पाता है।स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली कट व पुनः जुड़ने की सारी कार्रवाई कंट्रोल रूम से ही होती है।एसडीओ रामकेश सिंह ने बताया कि दो स्कूलों की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है।शेष स्कूलों की बिजली आपूर्ति शीघ्र ही बहाल कर दी जाएगी।

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