छुटमलपुर (सहारनपुर)। प्राथमिक विद्यालय छुटमलपुर नंबर-दो, विकासखंड मुजफ्फराबाद में बुधवार को राष्ट्रीय बाघ दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों को बाघों के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे बाघ के मुखौटे बनाकर वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया। विद्यालय की शिक्षिका अंजलि आर्य ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष 29 जुलाई को राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2010 में सेंट पीटर्सबर्ग बाघ सम्मेलन के दौरान हुई थी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की थीम ष्आदिवासी लोगों और स्थानीय समुदायों को केंद्र में रखकर बाघों के भविष्य को सुरक्षित करना है, जो बाघ संरक्षण में जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल देती है। उन्होंने कहा कि बाघ हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। शीर्ष शिकारी होने के कारण वे वन्यजीवों की संख्या को संतुलित रखते हैं, जिससे जंगल स्वस्थ बने रहते हैं और जैव विविधता का संरक्षण होता है।readmore:https://khabarentertainment.in/prof-dr-rajendra-rajput-receives-guru-shree-2026-award-at-national-level-brings-honour-to-ghazipur/उन्होंने बताया कि एक समय दुनिया में एक लाख से अधिक जंगली बाघ थे, लेकिन आज उनकी संख्या घटकर लगभग चार हजार रह गई है। इसके पीछे आवासों का विनाश, अवैध शिकार, मानव-वन्यजीव संघर्ष और अन्य पर्यावरणीय कारण प्रमुख हैं। शिक्षिका अंजलि आर्य ने कहा कि बाघ दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण का वैश्विक संदेश है। यदि हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियां भी बाघों को प्राकृतिक आवास में देख सकें, तो हमें अभी से संरक्षण के प्रति जागरूक होना होगा। उन्होंने बच्चों से प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की भावना बचपन से विकसित करना आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान अरशद, आयशा, अर्शी, उमर, रिहान, आयन, हुमैरा, अबुजर, मंदाकिनी, ईश और आहद सहित अन्य विद्यार्थियों ने शिक्षिका के मार्गदर्शन में आकर्षक बाघ के मुखौटे तैयार किए और वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। विद्यालय परिवार ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की रक्षा के लिए प्रेरित करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।