नीट यूजी 2026: रिकॉर्ड 22.79 लाख रजिस्ट्रेशन

नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक (नीट यूजी) 2026 के लिए इस बार कुल 22,79,743 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। पिछले वर्ष की तुलना में उम्मीदवारों की संख्या में करीब 3000 की वृद्धि दर्ज की गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने इन सभी परीक्षार्थियों के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। इस बार परीक्षा में सबसे सुखद पहलू चिकित्सा के क्षेत्र में महिला अभ्यर्थियों की बढ़ती भागीदारी है। कुल पंजीकरण में लगभग 58 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं की है, जिसमें 13,32,928 महिला और 9,46,815 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं। वहीं एमबीबीएस की सीटें बढ़ाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। पिछले तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि बेटियां न केवल पंजीकरण में, बल्कि सफलता के मामले में भी पुरुषों से आगे रही हैं। वर्ष 2025 में जहां 7.22 लाख महिलाएं उत्तीर्ण हुईं, वहीं पुरुषों की संख्या 5.14 लाख रही थी।read more:https://pahaltoday.com/traders-met-the-dm-regarding-various-problems-and-submitted-a-memorandum/ यह रुझान इस वर्ष भी मजबूत दिख रहा है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से लड़कियां डॉक्टर बनने का सपना लेकर बड़ी संख्या में परीक्षा में शामिल हो रही हैं। अकेले बिहार से इस वर्ष 1.63 लाख अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं, जिनमें भी महिलाओं की संख्या अधिक है। दूसरी ओर, नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के सूत्रों के अनुसार, आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए एमबीबीएस सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। नए नियमों के तहत अब प्रति 10 लाख की जनसंख्या पर 100 सीटों की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। साथ ही, नए मेडिकल कॉलेज खोलने और मौजूदा कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाने के मानकों को भी काफी सरल बनाया गया है। अब अधिकतम 150 सीटों की सीमा हटा दी गई है और मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के बीच की दूरी को मैदानी क्षेत्रों में 10 किलोमीटर और पहाड़ी क्षेत्रों में 15 किलोमीटर तक रखने की अनुमति दी गई है। इन बदलावों से न केवल नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे, बल्कि सीटों की संख्या बढ़ने से नीट जैसी कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली परीक्षा का दबाव भी कुछ कम होगा। एमबीबीएस के अलावा बीडीएस, आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध जैसे पाठ्यक्रमों में भी नीट के माध्यम से ही प्रवेश दिया जाएगा। सीटों की सटीक संख्या आने वाले दिनों में आधिकारिक तौर पर घोषित की जाएगी, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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