इसके पश्चात छूटे हुए बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा खिलाने हेतु 18 अगस्त 2026 को मॉप-अप दिवस आयोजित किया जाएगा।मुख्य चिकित्सा अधिकारी, किशौर अहुजा ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का उद्देश्य बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से बचाना तथा उनके स्वास्थ्य, पोषण एवं शारीरिक विकास में में सुधार करना है। कृमि संक्रमण के कारण बच्चों में कमजोरी, खून की कमी, भूख में कमी, कुपोषण तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के समन्वय से जनपद के विद्यालयों एवं अन्य चिन्हित स्थानों पर निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार Albendazole (कृमिनाशक दवा) का सेवन कराया जाएगा।
अभिभावकों से अपील
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम में अवश्य शामिल कराएं तथा विद्यालय/स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कृमिनाशक दवा का सेवन सुनिश्चित कराएं।
उन्होंने कहा कि कृमि संक्रमण की रोकथाम के लिए बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने, स्वच्छ भोजन एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने, नाखून छोटे एवं साफ रखने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने के लिए भी प्रेरित किया जाए।
18 अगस्त को मॉप-अप दिवस
जो बच्चे/किशोर-किशोरियां 14 अगस्त को किसी कारणवश दवा का सेवन नहीं कर पाएंगे, उन्हें निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार 18 अगस्त 2026 को मॉप-अप दिवस पर दवा खिलाई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी अभिभावकों, शिक्षकों एवं जनसामान्य से अपील की गई है कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को सफल बनाने में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह पर ध्यान न देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई आधिकारिक जानकारी का ही अनुसरण