साइबर ठगी का बड़ा रैकेट पकड़ा: शिकोहाबाद पुलिस ने तीन दबोचे, एक करोड़ की संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा

फिरोजाबाद। शिकोहाबाद पुलिस ने साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से साइबर ठगी से अर्जित एक लाख रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, सात चेकबुक, फर्जी कंपनियों की मोहरें, दस्तावेज तथा वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार बरामद कर सीज की है। जांच में करीब 1.30 करोड़ रुपये के संदिग्ध बैंकिंग लेन-देन का भी खुलासा हुआ है।read more:https://worldtrustednews.in/yogi-government-working-to-make-youth-skilled-in-line-with-industry-demand/
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर बज्र अभियान के तहत साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी उपनिरीक्षक फैसल खान ने शिकायतों की जांच के दौरान जसराना निवासी अनुज के बैंक खाते में करीब 1.30 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता लगाया। जांच में सामने आया कि एक गिरोह नौकरी और ठेकेदारी दिलाने का झांसा देकर लोगों के नाम पर फर्जी कंपनियां बनवाता था और जीएसटी पंजीकरण के जरिए बैंक खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी, जीएसटी चोरी और अन्य अवैध लेन-देन में करता था।पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। शनिवार को प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एनएच-19 स्थित बालाजी मंदिर के पास चेकिंग के दौरान स्विफ्ट डिजायर कार को रोककर उसमें सवार आशीष, शिवा और प्रतिमा को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे लोगों के नाम पर फर्जी कंपनियां पंजीकृत कराकर बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम और जीएसटी दस्तावेज अपने कब्जे में रख लेते थे। इन खातों के जरिए साइबर ठगी और अन्य अवैध धनराशि का ऑनलाइन लेन-देन कराया जाता था। गिरोह के अन्य सदस्य अंकुल और आयुष्मान उर्फ राजेंद्र मल्लिक (ओडिशा निवासी) सहित अन्य सहयोगियों की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ बीएनएस और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया है।

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