कारगिल विजय दिवस राष्ट्रभक्ति, वीरता एवं राष्ट्रीय एकता का अमर प्रतीक; अभाविप ने देशभर में निकाली तिरंगा यात्राएँ

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) समस्त देशवासियों को कारगिल विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी अमर वीर सैनिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती है। कारगिल विजय दिवस भारत की राष्ट्रभक्ति, वीरता, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का अमर प्रतीक है। इस अवसर पर अभाविप के नेतृत्व में युवाओं द्वारा नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, जम्मू-कश्मीर, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, चंडीगढ़ सहित देशभर के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं नगरों में तिरंगा यात्राओं, श्रद्धांजलि सभाओं तथा राष्ट्रजागरण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें लाखों विद्यार्थियों एवं युवाओं ने सहभागिता कर राष्ट्र प्रथम की भावना को सशक्त किया।अभाविप प्रारंभ से ही नीट-यूजी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के विरुद्ध विद्यार्थियों के साथ खड़ी रही है तथा परीक्षा प्रणाली मेंपारदर्शिता, जवाबदेही एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर संघर्ष करती रही है। हाल के घटनाक्रमों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा नैतिक उत्तरदायित्व स्वीकार करते हुए त्यागपत्र देना, परीक्षा माफिया के विरुद्ध फास्ट ट्रैक न्यायालयों की स्थापना, परीक्षा प्रणाली को अधिक उत्तरदायी बनाने हेतु प्रशासनिक परिवर्तन तथा सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं के दोषियों के विरुद्ध 10 वर्ष तक के कठोर कारावास एवं ₹10 करोड़ तक के आर्थिक दंड जैसेकठोरविधायी प्रावधानों की पहल विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण कदम हैं। अभाविप अपेक्षा करती है कि इन पहलों को शीघ्र प्रभावी रूप सेलागूकरतेहुएव्यापकसंस्थागत एवं संरचनात्मक सुधार भी सुनिश्चित किए जाएँ, जिससे परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय एवं विद्यार्थी-केंद्रित बन सके।कारगिल विजय दिवस पर देशभर में आयोजित तिरंगा यात्राओं में युवाओं की अभूतपूर्व सहभागिता ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत की युवा पीढ़ी राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ राष्ट्रनिर्माण एवं राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। अभाविप का स्पष्ट मत है कि विद्यार्थियों के न्यायोचित विषयों को किसी भी राजनीतिक स्वार्थ अथवा राष्ट्रविरोधी एजेंडे का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।read more:https://khabarentertainment.in/administration-gears-up-for-kanwar-yatra-divisional-commissioner-issues-strict-directives/ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों की अपनी मांग को पुनः मुखर करते हुए अभाविप ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशविरोधी शक्तियों द्वारा भारतीय सेना के विरुद्ध की गई अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणियों का उक्त कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिवाद किया है। हाल के घटनाक्रमों में डीप स्टेट तथा कांग्रेस समर्थित वामपंथी तंत्र ने विद्यार्थियों की वास्तविक समस्याओं का उपयोग अपने राजनीतिक एवं वैचारिक हितों की पूर्ति के लिए करने का प्रयास किया तथा आंदोलन को उसके मूल उद्देश्य से भटकाने का प्रयास किया। अभाविप का मानना है कि ऐसे प्रयास देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घातक हैं। भारत का विद्यार्थी समाज सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानता है और देशविरोधी शक्तियों का माध्यम कभी नहीं बनेगा।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, “कारगिल विजय दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि राष्ट्र सर्वोपरि है। अभाविप सदैव विद्यार्थियों के न्यायोचित विषयों के समाधान के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। विद्यार्थियों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार द्वारा किए गए निर्णय जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री का त्यागपत्र, परीक्षा माफिया के विरुद्ध फास्ट ट्रैक न्यायालयों की स्थापना, प्रशासनिक सुधार तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर विधायी प्रावधानों की पहल विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण एवं स्वागतयोग्य कदम हैं। नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर विद्यार्थियों की मांगों की आड़ में राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति हेतु देश-विरोधी एजेंडे पर काम करने वाले लोगों ने विद्यार्थियों का उपयोग किया, किंतु भारत का विद्यार्थी ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगा। आज देशभर में निकली तिरंगा यात्राओं ने पुनः सिद्ध किया है कि भारत का युवा ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ देश की एकता, अखंडता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।” @all

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