नई दिल्ली। वर्तमान समय में हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी बचत तेजी से बढ़े और भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित बने। आज सिर्फ कमाई करना ही काफी नहीं है, बल्कि उस कमाई को सही जगह निवेश करना भी बेहद जरूरी हो गया है। ऐसे में ज्यादातर लोग फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), म्यूचुअल फंड और सोने को निवेश के प्रमुख विकल्प के रूप में चुनते हैं। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि यदि 5 लाख रुपये की एकमुश्त राशि पांच साल के लिए निवेश की जाए तो इनमें से कौन-सा विकल्प सबसे ज्यादा रिटर्न दे सकता है। निवेश विशेषज्ञों के अनुसार, हर विकल्प की अपनी अलग विशेषता और जोखिम होता है। एफडी को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है, क्योंकि इसमें निवेशक को निश्चित ब्याज मिलता है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं पड़ता। दूसरी ओर, म्यूचुअल फंड शेयर बाजार से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें जोखिम अधिक होता है, लेकिन लंबे समय में बेहतर रिटर्न की संभावना भी रहती है।read more:https://pahaltoday.com/demand-for-construction-of-pwd-road-was-raised-in-the-village-chaupal-district-development-officer-heard-the-grievances-of-the-villagers/वहीं सोने को आर्थिक संकट और महंगाई के दौर में सुरक्षित निवेश माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति 5 लाख रुपये की राशि बैंक एफडी में पांच साल के लिए 6.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर निवेश करता है, तो उसे लगभग 1.90 लाख रुपये का ब्याज मिल सकता है। इस तरह मैच्योरिटी पर कुल रकम करीब 6.90 लाख रुपये हो जाएगी। यह विकल्प उन निवेशकों के लिए उपयुक्त माना जाता है जो बिना जोखिम के स्थिर और निश्चित रिटर्न चाहते हैं। वहीं म्यूचुअल फंड में यदि औसतन 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है तो पांच साल में 5 लाख रुपये की राशि बढ़कर लगभग 8.81 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। यानी निवेशक को करीब 3.81 लाख रुपये का लाभ हो सकता है। हालांकि, इसमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती और बाजार जोखिम हमेशा बना रहता है। सोने ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। पांच साल पहले जहां सोने की कीमत लगभग 50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुकी है। इस हिसाब से पांच साल पहले सोने में लगाए गए 5 लाख रुपये की कीमत अब लगभग 15 लाख रुपये तक हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि भविष्य में इसी तरह का रिटर्न लगातार मिलता रहेगा, इसकी कोई निश्चित गारंटी नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश का फैसला हमेशा अपनी आर्थिक जरूरत, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर करना चाहिए। सुरक्षित निवेश चाहने वालों के लिए एफडी बेहतर विकल्प हो सकती है, जबकि अधिक रिटर्न की चाह रखने वाले निवेशक म्यूचुअल फंड का रुख कर सकते हैं।