म्योरपुर, सोनभद्र। स्थानीय ब्लॉक के ग्राम पंचायत बभनडीहा के सामुदायिक भवन में रविवार को आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के किसानों के लिए पशुचिकित्सा संबंधी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार एवं बीएचयू के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामस्वरूप मीणा के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में बभनडीहा, भलुही और बलियरी गांव के 60 से अधिक किसान और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं।अनुभवी पशु चिकित्सक डॉ. भोला सिंह ने किसानों को पशुपालन की वैज्ञानिक विधियों के साथ पशुओं में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके लक्षण और उपचार की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने करीब तीन दर्जन प्रकार के पशु रोगों से बचाव और उपचार के बारे में किसानों को जागरूक किया। साथ ही पशुओं की नियमित देखभाल, समय पर टीकाकरण और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल उपचार कराने की सलाह दी। संगोष्ठी के दौरान किसानों को विभिन्न रोगों के उपचार के लिए आवश्यक दवाओं का भी वितरण किया गया। पतली टट्टी के लिए सल्फाडिमिडीन, अल्बोमार, चर्म रोग के लिए आइवरमेक्टिन, दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कैल्शियम जेल, लिवर टॉनिक, ब्रोटान, चूहों से बचाव के लिए बूटाश तथा घाव के उपचार के लिए पोटैशियम सहित अन्य दवाएं वितरित की गईं। पशुओं के टीकाकरण के महत्व की भी जानकारी दी गई।
समाधान दिवस में उमड़ी फरियाद, 108 शिकायतों में सिर्फ 16 का निस्तारण
सोनभद्र। सोमवार को जिले की चारों तहसीलों में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याओं का अंबार सामने आया। राबर्ट्सगंज, ओबरा, घोरावल और दुद्धी तहसील में कुल 108 शिकायतें पहुंचीं, लेकिन मौके पर अथवा टीम भेजकर महज 16 मामलों का ही निस्तारण हो सका। यानी करीब 85 फीसदी शिकायतें निस्तारण की बाट जोहती रह गईं।
स्वतंत्रता दिवस के चलते अगस्त माह का तृतीय शनिवार होने वाला समाधान दिवस सोमवार को आयोजित किया गया। उम्मीद थी कि अधिकारियों की मौजूदगी में फरियादियों को तत्काल राहत मिलेगी, लेकिन आंकड़े तस्वीर कुछ और ही बयां कर रहे हैं। दुद्धी तहसील में सबसे अधिक 47 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से केवल सात मामलों का निस्तारण हो सका, जबकि 40 प्रकरण लंबित रह गए। इससे साफ है कि बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अब संबंधित विभागों की कार्रवाई का इंतजार करेंगे। इसी तरह राबर्ट्सगंज तहसील में 24 शिकायतें आईं। अधिकारियों ने मौके पर चार मामलों का निस्तारण किया, जबकि 20 शिकायतें लंबित रहीं। उप जिलाधिकारी आशीष कुमार त्रिपाठी ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। ओबरा तहसील में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में समाधान दिवस हुआ। यहां 22 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें महज तीन का निस्तारण हो सका। शेष 19 प्रकरण अधिकारियों के पास कार्रवाई के लिए भेजे गए। सीडीओ ने शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। घोरावल तहसील में उप जिलाधिकारी विशाल कुमार की अध्यक्षता में 15 शिकायतें सुनी गईं। इनमें दो मामलों का मौके पर समाधान हुआ, जबकि 13 प्रकरण लंबित रह गए।