पूरे देश में भले ही मजदूर दिवस पर सरकारों द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हों, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है 

   जनपद मिर्जापुर में विद्युत विभाग में ठेकेदारी प्रथा से काम कर रहे एक सैकडों से अधिक विद्युत संविदा कर्मियों को समय मजदूरी नहीं दी जाती है। इससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इसी के कारण बहुत से संविदा कर्मियों ने पूर्व घोषणा के अनुसार मजदूर दिवस पर भूखे पेट रह कर काम किया, तो बहुतों ने खाना तो खा लिया, लेकिन वह विद्युत अधिकारियों व ठेकेदारों को कोसते नजर आए, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था।read more:https://pahaltoday.com/farmer-registry-campaign-begins-four-day-special-campaign-to-determine-share-of-account-holders/
विद्युत विभाग में ठेकेदारी प्रथा के माध्यम से लाइनमैन व अन्य कार्यों के लिए संविदा कर्मियों की तैनाती की गई है। विभागीय नियम और शर्तों के अनुसार इन कर्मियों को ठेकेदारों के माध्यम से हर माह मानदेय दिया जाना चाहिए, लेकिन शायद ही कोई महीनों ऐसा रहा हो, जब इन कर्मियों को समय से काम की मजदूरी मिली हो। वर्षों पूर्व से यह स्थिति चली आ रही है।  इसके चलते इन कर्मियों को आंदोलन की राह पकड़नी पड़ती है, लेकिन ठेकेदार को इन सब बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता।
मिर्जापुर के जेल रोड स्थित पावर हॉउस पर विद्युत संविदा मजदूर संगठन के बैनर तले संविदा कर्मियों द्वारा मजदूर दिवस मनाया गया जिसमे उन्हें कार्य करने के लिए टेस्टर प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष सैयद सरफराज अहमद, जिलाध्यक्ष श्यामनारायण यादव, जिला उपाध्यक्ष सुनील यादव, जिला सचिव सत्यनारायण गुप्ता, मण्डल उपाध्यक्ष सोहन मौर्या, मिडिया प्रभारी अमीन, विजय गुप्ता, संतोष गुप्ता, अजित चौरसिया, मोहम्मद सेराज, रवि यादव, नसीम अहमद, रियाजुद्दीन, अमरनाथ, अनवर अली, सुरेन्द्र विश्वकर्मा आदि सैकड़ो संविदा मजदूर मौजूद रहें।

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