गाजीपुर। जनपद में कुपोषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की पहल से नई गति मिल रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों की रिपोर्ट के आधार पर चिन्हित कुपोषित बच्चों को जनपद स्तरीय अधिकारी गोद लेकर उनके स्वास्थ्य में सुधार के लिए नियमित प्रयास कर रहे हैं।read more:https://pahaltoday.com/sukesh-chandrashekhar-granted-bail-in-rs-200-crore-money-laundering-case/इसी क्रम में मंगलवार को जिला युवा कल्याण अधिकारी दिलीप कुमार रजदेपुर प्रथम स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने अपने गोद लिए कुपोषित बच्चे एवं उसकी माता को न्यूट्रिशन आधारित खाद्य सामग्री की पोटली भेंट की। साथ ही बच्चों की माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक भोजन, व्यक्तिगत साफ-सफाई और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने माताओं से बच्चों में हाथ धोने की आदत विकसित करने और नियमित देखभाल पर विशेष ध्यान देने की अपील की।इसके बाद जिला युवा कल्याण अधिकारी मोहनपुर तृतीय स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे, जहां कुपोषित बच्चों को पोषण सामग्री वितरित की गई। इस दौरान उपस्थित महिलाओं को बच्चों के पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुझाव भी दिए गए।दिलीप कुमार ने कहा कि कुपोषण एक गंभीर सामाजिक चुनौती है, जिसका समाधान केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की इस अभिनव पहल को जनहित में अत्यंत सराहनीय बताते हुए विश्वास जताया कि अभियान के सकारात्मक परिणाम जल्द ही सामने आएंगे।जनपद में चल रहे इस विशेष अभियान की व्यापक सराहना हो रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि आगामी दो से तीन माह के भीतर अधिकांश बच्चे कुपोषण की श्रेणी से बाहर आ जाएंगे।इस अवसर पर मुख्य सेविका श्रीमती चंद्रावती देवी, मुख्य सेविका श्रीमती मीना सिंह, श्रीमती इंदु देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शशिबाला, शादिया, शिवांगी सहित अन्य कर्मचारी एवं स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।