बेहट। शनिवार को कस्बे के मोहल्ला महाजनान में स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल में दिशा सामाजिक संगठन सुल्तानपुर चिलकाना (सहारनपुर) के तत्वाधान में महिला हिंसा एव जेंडर समानता विषय पर मीडिया कार्यशाला आयोजित की गयी। इस कार्यशाला में मीडिया से जुड़े पत्रकारों एवं स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम समन्वयक पी0 राम ने संस्था के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दिशा संस्था महिलाओ की हिंसा एवं जेंडर समानता के मुद्दे पर 42 वर्षों से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आवाज को समाज में उठाने के लिए मीडिया की मुख्य भूमिका रही है। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में एडवोकेट मोहम्मद अहमद काजमी ने महिलाओं के मुद्दे पर के मीडिया की भूमिका को और मजबूत करने कई बात की। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं के हित में अनेक कानून बनाए है। इन कानूनों का लाभ उठाने हेतु उनको जागरूक करने की जरूरत है। इस अवसर पर माईनुद्दीन उर्फ पीरू मियाँ ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अधिकार देने से देश का विकास संभव है। वरिष्ठ कॉर्डिनेटर जाह्नवी तिवारी ने कहा कि कि महिलाओं की बराबरी हेतु महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से भी सशक्त करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर होने वाली हिंसा समाज के हर वर्ग में मौजूद है जिसको हमें मिल जुल कर रोकने की जरूरत है। उन्होंने समाज में शांति एवं भाई चारे को बनाने के लिए सभी को एक साथ मिल जुलकर रहने की बात की।read more:https://pahaltoday.com/india-withdraws-from-hosting-cop-33-a-major-signal-in-climate-diplomacy/कॉर्डिनेटर शाहीन परवीन ने कहा कि महिलाओं को एक समान अवसर देने की जरूरत है, जिन महिलाओं को मौके मिले वे महिलाये आज ऊंचे-ऊंचे पदों पर जा रही है। महिलाये किसी भी स्तर पर कमजोर नहीं है उन्होंने कहा कि हमारे समाज अपने को महिलाओं पर हो रही हिंसा को खत्म करना होगा। कार्यक्रम समन्वयक तसनीम ने किशोरियों एवं बालिकाओं की शिक्षा के लिए समाज को जागरूक होने की बात की। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में छोटी – छोटी बच्चियों के साथ शारीरिक, यौनिक एवं मानसिक हिंसा हो रही है जो एक चिंता का विषय है। जिस पर हमारे समाज एवं सरकार को रोक लगानी होगी। इस अवसर पर कॉर्डिनेटर बबीता वर्मा ने महिलाओं के विषय में बने कानूनों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर होने वाली घरेलू हिंसा बंद होनी चाहिए। उन्होंने दहेज जैसी बुराइयों को भी दूर करने की बात की। सहायक कॉर्डिनेटर सुरेशों ने संस्था द्वारा चलाए जा रहे महिला प्रकोष्ठ के बारे में जानकारी दी साथ नारी अदालत की प्रक्रिया को भी अवगत कराया। इस अवसर पर कार्यक्रम में विनोद कुमार, एस एम हुसैन जैदी,धर्मेंद्र सैनी, मारूफ अली, मो0 इकबाल खान, शेख् परवेज आलम, खुर्शीद आलम, शेंकी अरोड़ा, अब्दुल सत्तार शेख, गय्यूर मलिक मोहम्मद दानिश जैदी, नादिर शेख, अशोक सैनी आदि पत्रकारों ने अपने महत्वपूर्ण विचार उपरोक्त विषय पर रखे। उन्होंने कहा कि महिलाओ के मुद्दे पर संस्था सराहनीय कार्य कर रही है उन्होंने संस्था के साथ हर संभव सहयोग करने की अपील की। इस अवसर पर अर्चना, बबीता, आरिफा एवं फरहान, मास्टर कय्यूम अली आदि का भी सहयोग रहा।