अब प्रीपेड नहीं, पोस्टपेड मोड में मिलेगा उपभोक्ताओं बिजली बिल: सांसद 

भदोही। सांसद डॉ.विनोद कुमार बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरूद्ध त्रिपाठी, विधायक औराई दीनानाथ भास्कर, विधायक ज्ञानपुर विपुल दुबे, डीएम शैलेश कुमार व एसपी अभिनव त्यागी ने शासन द्वारा आरडीएसएस योजना के अंतर्गत स्थापित समस्त स्मार्ट मीटर जो वर्तमान में प्रीपेड मोड में क्रियाशील हैं, उन्हें पोस्टपेड मोड में परिवर्तित करने का निर्णय लेने के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की।read more:https://worldtrustednews.in/tb-department-taught-tb-lesson-to-asha-sisters/इस दौरान सांसद ने बताया कि आरडीएसएस योजना के अंतर्गत सभी विधाओं के सभी संयोजनों पर स्थापित समस्त स्मार्ट मीटर जो वर्तमान में प्रीपेड मोड में क्रियाशील हैं, उन्हें पोस्टपेड मोड में तत्काल परिवर्तित किया जा रहा है। प्रीपेड मोड से पोस्टपेड में परिवर्तन आरएमएस बैकएंड से उ.प्र.पाकालि मुख्यालय स्तर से संपादित किया जाएगा। सभी उपभोक्ताओं को माह मई की ऊर्जा खपत का माह जून में देय बिल, पोस्टपेड पद्धति से निर्गत किया जाएगा। स्मार्ट पोस्टपेड मोड के सभी बिल उपभोक्ताओं को एसएमएस एवं व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिल प्रत्येक माह की 10 तारीख तक सृजित करना सुनिश्चित किया जाए। नॉन कम्यूनिकेशन अथवा नेटवर्क की समस्या के कारण संभव है कि अति अल्प संख्या में कुछ उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटरों की ऑटोमैटिक रीडिंग प्राप्त न हो सके। ऐसे समस्त प्रकरण जिनमें महीने की 5 तारीख तक ऑटोमैटिक रीडिंग प्राप्त न हो, उन सभी की मैनुअल रीडिंग के माध्यम से कराकर उपभोक्ता को बिल 10 तारीख तक अनिवार्यतः उपलब्ध करा दिया जाए। सांसद ने कहा कि संभव है कि कतिपय उपभोक्ताओं का आरएमएस में मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं है, त्रुटिपूर्ण है अथवा उपभोक्ता के वास्तविक मोबाइल नंबर से भिन्न हो, जिस कारण उपभोक्ता को एसएमएस एवं व्हाट्सएप के माध्यम से बिल प्राप्त न हो सके। इसके लिए डिस्कॉम द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए कि जिन उपभोक्ताओं को समय से बिल न प्राप्त हो वो निम्न व्हाट्सएप चैट बोर्टस पर संयोजन संख्या सूचित कर अपना बिल प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि सभी नए संयोजन स्मार्ट मीटर के माध्यम से पोस्टपेड मोड में निर्गत किए जाएंगे। चूंकि पूर्व में प्रीपेड मोड में परिवर्तन के समय उपभोक्ताओं की जमा सिक्युरिटी धनराशि बिल में समायोजित कर दी गई थी, पूर्व की भांति, उत्तर प्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2005 के प्रावधानों के अनुसार, पुनः पोस्टपेड मोड में परिवर्तन पर वर्तमान में प्रचलित ‘कॉस्ट डाटा बुक-2026’ में उपभोक्ता के विधा एवं स्वीकृत भार के अनुसार यथा निर्धारित सिक्युरिटी धनराशि चार समान किस्तों में उपभोक्ता के माह जून (जुलाई में सृजित) एवं पश्चातवतीं 3 मासिक बिलों में जोड़ी जाएगी। यह कार्य आरएमएस द्वारा स्वतः किया जाएगा।

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