बाराबंकी। राज्य महिला आयोग की सदस्य के निरीक्षण में सीएचसी रामसनेहीघाट की अव्यवस्थाएं उजागर होने और उसके बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार न होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। ग्रामीण क्षेत्र से आए मरीजों की शिकायत पर संवाददाता द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण में भी अस्पताल में चिकित्सकों की अनुपस्थिति और बदहाल व्यवस्थाओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम रविवार को स्वयं सीएचसी रामसनेहीघाट के औचक निरीक्षण पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। परिसर में गंदगी, जर्जर भवन और टूटी हुई बाउंड्री वॉल मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल सफाई और मरम्मत के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जर्जर भवनों के पुनरुद्धार का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर भेजने तथा बाउंड्री वॉल की मरम्मत के साथ पौधरोपण कराने के निर्देश भी दिए। अस्पताल में पुराने एक्स-रे सिस्टम की जानकारी मिलने पर सीएमओ ने डिजिटल एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध कराने तथा रेडियोलॉजिस्ट सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीएमओ ने भर्ती प्रसूता महिलाओं से बातचीत कर भोजन और प्रसव सेवाओं की जानकारी ली। readmore:https://khabarentertainment.in/relief-rain-falls-from-the-sky-in-bhadohi-the-carpet-city/महिलाओं ने बताया कि उन्हें समय पर भोजन मिल रहा है और प्रसव के लिए किसी प्रकार की अवैध धनराशि नहीं ली गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल की प्रेरणा कैंटीन लंबे समय से बंद है, जिसे जल्द शुरू कराया जाएगा। चिकित्सकों को निर्देश दिए गए कि मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखी जाएं और सरकारी दवाओं का ही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। डॉ. रंजन गौतम ने कहा कि रामसनेहीघाट लखनऊ, अयोध्या और बाराबंकी की सीमा पर स्थित दुर्घटना संभावित (एक्सीडेंट-प्रोन) क्षेत्र है। ऐसे में यहां बेहतर और हर समय उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाएं देना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने चिकित्सकों की कमी शीघ्र दूर करने का भरोसा दिलाते हुए चेतावनी दी कि निरीक्षण में मिली कमियां यदि 15 दिनों के भीतर दूर नहीं हुईं तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।