आम की अवैध मंडी  समिति मोन सरकार को लाखों रुपए के राजस्व को लाखों रुपए को चुना

 सिंभावली। थाना सिंभावली के समीप प्राइवेट जगह पर आम की मंडी हर साल लगाई जाती है  इस आम की अवैध मंडी में एनसीआर क्षेत्र बुलंदशहर मेरठ हापुर गाजियाबाद दिल्ली से व्यापारी आम खरीदने आते हैं जहां करोड़ों रुपए का हर रोज व्यापार किया जाता है प्राइवेट जगह पर चल रही अवैध को लेकर मंडी समिति के अधिकारी मूकदर्शक बने रहते हैं और सरकार के लाखों रुपए के राजस्व को चूना लगा रहे हैं सूत्रों ने दावा किया है यह आम की अवैध मंडी मंडी समिति के अधिकारियों के संरक्षण में लगाई जा रही है।read more:https://pahaltoday.com/major-action-by-mineral-department-2-mines-sealed-7-trucks-seized/जबकि अरबो रुपए से बनी मंडी प्राइवेट मंडी से सात आठ किलोमीटर की दूरी पर है 7/8 किलोमीटर की दूरी पर है जो मंडी समिति के अधिकारियों के लालच के वशीभूत सुनसान पड़ी है क्षेत्र के आम व्यापारी सुरेंद्र सुरेश जगदीश सतीश का कहना है आम की मंदी चल रहे संचालक मंडी समिति का भी बिना रसीद दिए  टैक्स काटते हैं पूर्व वायु सेवा अधिकारी मनवीर सिंह   समाजसेवी डॉ राजेंद्र सिंह औलख का कहना है अप कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम के तहत अधिसूचित क्षेत्र में प्राइवेट मंडी लगाने के लिए लाइसेंस जरूरी है बिना लाइसेंस और बिना मंडी शुल्क दिए व्यापार करना वैध माना जाता है। मंडी शुल्क से ही सड़क गोदाम किसान सुविधा बनती हैं  सिंभावली क्षेत्र में चल रही आम के अवैध मंडी के विषय में मंडी समिति के अधिकारियों से बातें करने की कोशिश की जा रही है परंतु मंडी समिति के अधिकारी फोन रिसीव नहीं कर पा रहे जिससे कि मंडी समिति के अधिकारियों की बात रख सके।

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