नगीना । नगर व आस पास के ग्रामीण अंचलों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार बड़े ही श्रद्धा के साथ धूमधाम से मनाया गया इस अवसर पर महिलाओं व पुरूषों ने उपवास रख मन्दिरों में प्रसाद चढ़ाया व लड्डगोपल का झूला झुलाया, तथा शहर के सभी मन्दिरों को विशेष रूप से सजाया गया तथा तरह तरह की आकर्षक झांकिया बनाई गई।श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर महिलाओं, पुरूषों और बालक बालिकाओं ने सुबह से ही उपवास रखा तथा शाम के समय मन्दिरों में प्रसाद चढ़ा कर घर परीवार व देश की खुशहाली की प्रार्थना की। जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर प्राचीन मंदिर मुक्तेश्वर नाथ महादेव मंदिर( बड़ा मंदिर), मण्डी मौल गंज स्थित लोकशवर नाथ मंदिर, खोखर नाथ मंदिर, ब्राहमणी वाला तालाब स्थित कृष्ण गौशाला मंदिर, सिद्धि विनायक मंदिर, पंजाबी महाबीर मंदिर, कलालान स्थित झाड़खण्ड महादेव गुजराती मंदिर, थाना परीसर स्थित मंदिर, शाहजहीर में पंचमुखी मंदिर, सरायमीर में छोटा महादेव मंदिर, विश्नोई सराय में मोटा महादेव मंदिर, रेंलवें कालौनी
read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/ शिव मंदिर, सिंचाइ कालोनी का शिव मंदिर, मौहल्ला क्षत्रीय नगर का भूरेदेव का मंदिर, बाल्मीकि बस्ती स्थित शिव मंदिर, अचारजान में पीपल महादेव मंदिर, मौ0 जोशियान में शिव परीवार मंदिर, चौधराना के देवता मंदिर, पीपल महादेव मंदिर, शीतला माता मंदिर, नैशनल हाईवे 74 रामलीला बाग स्थित सिद्धपीठ दुर्गा व काली माता मंदिर सहित क्षेत्र के सभी मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाया गया। पंजाबी महावीर व सिद्धि विनायक आदि मन्दिरों को बड़े ही आकर्शक ढंग से सजवाया जिसकी नगर में आम चर्चा रही। मंदिरों को देखने के लिए श्रद्धालुओं की सभी मंदिरों पर देर रात तक भारी भीड रही, तथा अगले दिन निकलने वाले रामडोल जुलूस में शामिल होने वाले अखाड़ों में पटेबाज देर रात तक अपने हैरतअंगेज कर्तबों का अभ्यास करते रहे तथा रात्री 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेने के बाद सभी अखाडों का अभ्यास समाप्त हुया तथा सभी मंदिरों में चरर्णामृत का प्रसाद वितरित किया गया जिसे लेने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। नगर के लोगों ने अपने घरों में विराजमान श्रीराधा-कृष्ण, लडडुगोपाल के वस्त्र बदल कर नये वस्त्र पहनाये और उनका तरह-तरह तरीकों से जन्म दिन मनाया।