संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट: डीएम ने राहत-बचाव तैयारियां दुरुस्त करने के दिए निर्देश

 जनपद में संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बाढ़ नियंत्रण, राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।read more:https://pahaltoday.com/buddha-jayanti-celebrated-with-great-enthusiasm-in-prakash-genius-public-school/बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते प्रभावी ढंग से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे संचालित रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में बनाए जाने वाले आश्रय स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। साथ ही नावों, नाविकों और गोताखोरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तैनात करने के निर्देश दिए गए।  खाद्यान्न, पेयजल, डीजल और मिट्टी के तेल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। पशुपालन विभाग को पशुओं के टीकाकरण एवं चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीमों और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया।  लोक निर्माण विभाग को सड़कों और संपर्क मार्गों को दुरुस्त रखने तथा विद्युत विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति और वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए। परिवहन व्यवस्था को भी सुदृढ़ करने पर बल दिया गया, ताकि राहत कार्यों में कोई बाधा न आए।  बैठक में पीएसी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यकता पड़ने पर इनके सहयोग से राहत कार्य तेज करने की रणनीति पर चर्चा हुई। साथ ही बाढ़ से प्रभावित होने वाले विद्यालयों के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।  तटबंधों की सुरक्षा, कटान संभावित स्थलों की पहचान और क्षतिग्रस्त स्थानों की तत्काल मरम्मत के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने पुलिस, पीएसी और होमगार्ड्स की नियमित पेट्रोलिंग तथा रात्रि में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।  पिछले वर्षों की बाढ़ से मिली सीख के आधार पर प्रभावी रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनहानि और धनहानि को न्यूनतम रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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