अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), दिल्ली प्रदेश द्वारा राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर राजधानी के सभी जिलों एवं नगर इकाइयों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। अभाविप प्रत्येक वर्ष 9 जुलाई को अपने स्थापना दिवस के रूप में राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस मनाती है। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजधानी स्थित अभाविप के यशवंत कार्यालय में दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही, राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली विश्वविद्यालय के आर्ट्स फैकल्टी, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के वेदांत स्थल सहित विभिन्न स्थानों पर दीपोत्सव के कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थी शक्ति के राष्ट्र निर्माण में योगदान के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया गया।read more:https://khabarentertainment.in/call-to-embrace-dr-syama-prasad-mookerjees-ideas-bjp-organizes-an-ideological-seminar/राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली के विभिन्न जिलों एवं नगर इकाइयों में संगोष्ठियों, संवाद कार्यक्रमों, सेवा बस्तियों में सेवा कार्यों, वृक्षारोपण अभियानों, स्वच्छता एवं जनजागरण अभियानों सहित अनेक रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना, पर्यावरण संरक्षण तथा ‘राष्ट्र प्रथम’ की चेतना को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया।इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं ने इन कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के संदेश को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाया। कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया गया।अभाविप, दिल्ली प्रदेश के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का स्थापना दिवस केवल संगठन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थी शक्ति के संकल्प, सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रतीक है। हमारे प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। अभाविप विद्यार्थियों को केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें सामाजिक दायित्वों, राष्ट्रीय चेतना और सकारात्मक नेतृत्व से जोड़ने का निरंतर कार्य करती है। राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस पर आयोजित ये कार्यक्रम उसी संकल्प की सशक्त अभिव्यक्ति हैं।