वाराणसी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय परिसर स्थित डॉक्टर कॉलोनी इन दिनों गंभीर आरोपों और चर्चाओं के केंद्र में है। डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए बने सरकारी आवासों के आवंटन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। कर्मचारियों और सूत्रों के हवाले से आरोप लगाए जा रहे हैं कि आवास आवंटन, खाली कराने और कब्जा बनाए रखने के नाम पर बड़े स्तर पर पैसों का खेल चल रहा है।read more:https://worldtrustednews.in/a-review-meeting-of-the-prime-ministers-adarsh-gram-yojana-was-held-under-the-chairmanship-of-cdo-bal-govind-shukla/
सूत्रों के अनुसार कॉलोनी में कई कर्मचारी और अधिकारी वर्षों से जमे हुए हैं। इतना ही नहीं, कुछ लोगों द्वारा दो-दो सरकारी आवासों पर कब्जा किए जाने की भी चर्चा है। वहीं अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और बाहरी अस्पतालों से जुड़े कर्मचारियों के भी यहां रहने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि हाल ही में डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए नए आवास बनाए गए थे। लेकिन सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में संबंधित अधिकारी ने जवाब दिया कि इन आवासों का अब तक कोई आधिकारिक आवंटन नहीं किया गया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब आवंटन ही नहीं हुआ तो आखिर इन मकानों में रह कौन रहा है? स्थानीय कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि कई आवासों में विभागीय अधिकारी, डॉक्टर, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारी निवास कर रहे हैं। मामले में बिजली बिल, सरकारी किराया और आवास शुल्क को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि आवंटन नहीं हुआ तो भुगतान किसके नाम से जमा हो रहा है और उसका रिकॉर्ड किसके पास है। सूत्रों का दावा है कि कुछ आवासों में बाहरी लोगों को भी रखा गया है। वहीं कर्मचारियों का आरोप है कि आवास पाने के लिए कभी बाबू, कभी सीएमएस कार्यालय तो कभी अन्य अधिकारियों के चक्कर लगवाए जाते हैं। आरोप यह भी है कि पैसे देने वालों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध करा दिए जाते हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने योगी आदित्यनाथ और ब्रजेश पाठक से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।